Lagatar desk : यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विनर एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट ने सांप के जहर मामले में कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मशहूर लोगों को सांपों जैसे बेजुबान शिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति देना समाज के लिए गलत संदेश है.
SC की दो टूक चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच -जस्टिस एमएम सुंदरेश और एन कोटिश्वर सिंह-ने बुधवार को सुनवाई के दौरान एल्विश यादव को कहा-आप जो मन में आए, वह नहीं कर सकते.क्या आप चिड़ियाघर जाकर जानवरों के साथ खेल सकते हैं क्या यह अपराध नहीं होगा कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यह मामला वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत जांच के दायरे में है.
मामला क्या है
नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल के आरोप में यूट्यूबर एल्विश यादव और पांच अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. यह मामला भाजपा सांसद मेनका गांधी से जुड़े एक NGO की शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था.जिसकी छापेमारी में कोबरा सहित नौ सांप पाए गए, जिन्हें कथित तौर पर अवैध रेव पार्टियों में इस्तेमाल किया जाता था.
गिरफ्तारी और जमानत
17 मार्च 2024 को एल्विश यादव और अन्य पांच लोगों को वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 और आईपीसी की धारा 120A (आपराधिक साजिश) के तहत गिरफ्तार किया गया.14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 22 मार्च 2024 को 50,000 रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत मिली.
वकील की दलील
एल्विश यादव के वकील मुक्ता गुप्ता ने कहा कि विवादित रेव पार्टी के कोई सबूत नहीं मिले और मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार नौ सांप जहरीले नहीं थे.
अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के वकील से यह पूछने को कहा कि रेव पार्टियों में सांप का जहर कैसे इस्तेमाल किया जाता है. इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी.
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