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तो लोकसभा सीटें हो जायेंगी 816, महिला आरक्षण कानून में संशोधन की तैयारी में मोदी सरकार

इस संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद नये परिसीमन में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 पर पहुंच जायेंगी. 816 सदस्यों वाली लोकसभा में 273 सीटों पर महिला आरक्षण रहेगा.  मामले की तह में जायें तो संसद से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रावधान किया गया था कि यह नयी जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा.
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  • 816 सदस्यों वाली लोकसभा में 273 सीटों पर महिला आरक्षण रहेगा.  
  • 2029 के आम चुनाव में महिला आरक्षण लागू किया जा सकेगा.
  • सरकार ने कई विपक्षी दलों के नेताओं के साथ अहम बैठक की.

New Delhi : लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने को लेकर अहम सूचना है. याद करें कि महिला आरक्षण को लेकर पूर्व में मोदी सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) लेकर आयी थी.  इसे सितंबर 2023 में भारत की संसद द्वारा पारित किया गया था.

 

यह ऐतिहासिक 106वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2023 था,, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33फीसदी (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करता है. बता दें कि  इसे नये  संसद भवन में पारित किया गया था. लेकिन यह बिल पारित हो जाने के बाद भी लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण नहीं मिल सका है.

 

खबर है कि अब सरकार जल्द से जल्द महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने के लिए यह कानून लागू करने की तैयारी में है. जानकारी के अनुसार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए मोदी सरकार अब संसद में संशोधन विधेयक लाने पर विचार कर रही है.  इस बिल में लोकसभा सीटों के परिसीमन और सीटें बढ़ाने के लिए 2011 की जनगणना को आधार मानने का प्रावधान किये जाने की बात सामने आ रही है.

 

इस संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद नये परिसीमन में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 पर पहुंच जायेंगी. 816 सदस्यों वाली लोकसभा में 273 सीटों पर महिला आरक्षण रहेगा.  मामले की तह में जायें तो संसद से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रावधान किया गया था कि यह नयी जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा.

 

इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि सरकार इसी सप्ताह  नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम बिल में संशोधन लेकर आयेगी. इस संशोधन से 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिला आरक्षण लागू किया जा सकेगा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ी अहम खबर यह है कि सरकार इस अधिनियम में संशोधन के साथ ही संविधान संशोधन लाने की कवायद कर रही है.

 

संविधान संशोधन के जरिए साल 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा में सीटें बढ़ाई जा सकेंगी और 2029 के आम चुनाव में महिला आरक्षण लागू किया जा सकेगा.  गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल में संशोधन को लेकर शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार) सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बातचीत की है.

 

सूत्रों के अनुसार  इस प्रस्तावित बिल को लेकर सरकार ने कई विपक्षी दलों के नेताओं के साथ अहम बैठक की. बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद थे.

 

 बैठक में शिवसेना (उद्धव गुट), एआईएमआईएम, एनसीपी (शरद पवार गुट), बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए. हालांकि बैठक नें कांग्रेस, टीएमसी, सपा सहित  प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल नहीं थे.

 
 

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