Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजभवन के बाहर भ्रष्टाचार के विरुद्ध बिगुल फूंकने वाले 66 वर्षीय समाजसेवी बलराम प्रसाद का आमरण अनशन आज दूसरे दिन भी जारी रहा. लातेहार जिले के महुआडांड़ से आए बलराम प्रसाद, स्थानीय प्रशासन के कथित अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं. उनके साथ महुआडांड़ से आईं महिलाएं और बच्चे भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
हौसला अडिग, प्रशासन की चुप्पी बरकरार
अनशन के दूसरे दिन बलराम प्रसाद के स्वास्थ्य में गिरावट के शुरुआती संकेत मिले हैं, परंतु उन्होंने अन्न-जल का एक बूंद भी ग्रहण करने से इनकार कर दिया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई निजी स्वार्थ की नहीं, बल्कि उन आदिवासियों और गरीबों की है जिनका शोषण सिस्टम कर रहा है. जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, मेरा अनशन जारी रहेगा.
आरोपों के घेरे में SDM और CO
समाजसेवी ने महुआडांड़ के SDM विपिन कुमार दुबे और CO संतोष बैठा पर अवैध बालू उत्खनन, सरकारी व आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जे और आम जनता से रंगदारी वसूलने जैसे 15 गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने प्रशासन पर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रचने का भी दावा किया है.
बढ़ता जनाक्रोश
विगत दो दिनों से जारी इस विरोध के बावजूद शासन या प्रशासन की ओर से अब तक वार्ता की कोई पहल नहीं की गई है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब यह मामला राजनीतिक रूप लेने लगा है. आम जनता और समर्थकों की नजरें समाजसेवी के स्वास्थ्य और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं.
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