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सौरव गांगुली BCCI से बाहर क्या हुए… पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल, टीएमसी और भाजपा में छिड़ा वाक् युद्ध

Kolkata : टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष पद से हटाये जाने को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है. इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी में ठन गयी है. तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि गांगुली को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाया जा रहा है तो एक भाजपा नेता के बेटे का बोर्ड सचिव पद पर रहना सही नहीं है.

भाजपा सौरव गांगुली को पार्टी में शामिल करने में विफल रही

सौरव गांगुली की जगह रोजर बिन्नी को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) का अध्यक्ष बनाये जाने की खबरों के बीच पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली को अपमानित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया, कहा कि भाजपा उन्हें (सौरव) पार्टी में शामिल करने में विफल रही. इस वजह से सौरव गांगुली का पद जा रहा है. इसे भी पढ़ें : दिल्ली">https://lagatar.in/the-chairperson-of-delhi-commission-for-women-received-rape-threats-tweeted-about-sajid-khan/">दिल्ली

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भाजपा ने  चुनाव में संदेश फैलाने की कोशिश की कि गांगुली भाजपा में शामिल होंगे

इस क्रम में प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा ने पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले लोगों के बीच यह संदेश फैलाने की कोशिश की थी कि राज्य में बेहद लोकप्रिय गांगुली भाजपा में शामिल होंगे. टीएमसी ने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का एक उदाहरण है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह दूसरे कार्यकाल के लिए बीसीसीआई के सचिव पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन गांगुली अध्यक्ष पद पर ऐसा नहीं कर सकते. तृणमूल कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भाजपा ने कहा कि उन्होंने कभी प्रिस ऑफ कोलकाता के नाम से लोकप्रिय गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश नहीं की. कुणाल घोष ने कहा, हम इस मामले में सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं, लेकिन चूंकि भाजपा ने चुनाव के दौरान और बाद में इस तरह का प्रचार किया इसलिए निश्चित रूप से भाजपा की जिम्मेदारी होगी कि वह इस तरह की अटकलों का जवाब दे कि गांगुली को बीसीसीआई प्रमुख के रूप में दूसरा कार्यकाल नहीं मिलने के पीछे राजनीति है क्या? ऐसा लगता है कि भाजपा सौरव को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है. इसे भी पढ़ें : केरल">https://lagatar.in/kerala-cm-vijayan-and-tamil-nadu-cm-stalin-appeal-to-pm-modi-no-efforts-should-be-made-to-impose-hindi-on-us/">केरल

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अमित शाह पर हल्ला बोला

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा के एक बड़े नेता इस साल मई में गांगुली के घर रात्रि भोज के लिए गये थे. तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य, डॉ शांतनु सेन ने भी ट्विटर पर संदेश जारी कर संकेत दिया है कि गांगुली का बीसीसीआई से बाहर होना शायद इसलिए है क्योंकि या तो वह तृणमूल कांग्रेस शासित राज्य से हैं या इसलिए कि वह भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं. इसे भी पढ़ें :मौसम">https://lagatar.in/the-meteorological-department-had-announced-the-departure-of-monsoon-after-that-698-percent-more-rain/">मौसम

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भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर किया पलटवार

TMC के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने इसे निराधार बताया. दिलीप घोष ने कहा, हमें नहीं पता कि भाजपा ने सौरव गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश कब की. कहा कि सौरव गांगुली एक दिग्गज क्रिकेटर हैं. कुछ लोग अब बीसीसीआई में बदलाव पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं. क्या उनकी कोई भूमिका थी जब उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था. टीएमसी को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करना बंद कर देना चाहिए. भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने  कहा कि आलोचना करने वालों को खुद को आईने में देखना चाहिए.  अमित शाह  द्वारा  गांगुली के घर जाने का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. कहा कि सौरव गांगुली आने वाले दिनों में ऊंचाइयों को हासिल करेंगे:

आरोप लगाना तृणमूल कांग्रेस की आदत बन गयी है

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा बिना किसी एक व्यक्ति पर निर्भर हुए या बिना किसी तरह के समझौते के राष्ट्रीय स्तर पर इस मुकाम पर पहुंच गयी है. उन्होंने कहा, यह दावा करना गलत है कि जब तक सौरव गांगुली पार्टी में शामिल नहीं होंगे, तब तक भाजपा पश्चिम बंगाल में अपना मजबूत आधार नहीं बना पायेगी. कहा कि बीजेपी पर बेबुनियाद आरोप लगाना तृणमूल कांग्रेस की आदत बन गयी है.

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