Ranchi: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उत्तराखंड के दीपक के साहस, इंसानियत और भाईचारे की भावना की सराहना करते हुए उन्हें दो लाख रुपये देने और झारखंड में सम्मानित करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में, जब समाज में नफरत फैलाने की कोशिशें हो रही हैं, दीपक ने मोहब्बत और एकता की मजबूत मिसाल पेश की है.
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि दीपक, जिन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक कहकर मानवता का परिचय दिया, ने आजादी के असली मायनों और देश की साझा संस्कृति को एक बार फिर जीवित कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी भारतीय से नहीं, बल्कि उस विदेशी सोच से है, जिसने देश को लंबे समय तक गुलामी में जकड़े रखा.
स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि वे अपने चार महीनों के वेतन में से दो लाख रुपये दीपक को देंगे. उन्होंने कहा कि यह राशि भले ही बड़ी न हो, लेकिन यह दीपक के हौसले को सम्मान देने और उसके मनोबल को मजबूत करने का प्रतीक है. यह संदेश भी देता है कि भारत की आत्मा नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत है.
घटना का उल्लेख करते हुए डॉ. अंसारी ने बताया कि जब बजरंग दल के कुछ लोगों ने एक गरीब कपड़ा विक्रेता पर हमला किया, उस समय दीपक ने आगे बढ़कर एक मुस्लिम बुजुर्ग की जान बचाई. उसी दौरान दीपक ने निर्भीक होकर खुद को दीपक मोहम्मद बताया और अकेले दम पर हमलावरों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया.
डॉ. अंसारी ने कहा कि दीपक का यह साहस कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि गंगा जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति नफरत के सामने मोहब्बत के साथ खड़ा होता है, तभी देश की असली खूबसूरती सामने आती है.
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि जल्द ही दीपक को झारखंड बुलाकर स्वयं अपने हाथों सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सोच का होगा जो देश को जोड़ती है और समाज में भाईचारे को मजबूत करती है.
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सच्चे हिंदुस्तानी की पहचान नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत और एकता है. दीपक आज पूरे देश के लिए यह संदेश हैं कि अंततः मोहब्बत की ही जीत होती है.
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