New Delhi : दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर स्टार्टअप पे चर्चा कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया ने युवाओं को खुला आसमान दिया है.
पीएम ने बताया कि 10 साल में स्टार्टअप 500 से बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गये, जबकि यूनिकॉर्न 125 के लगभग हैं, 2014 में भारत में सिर्फ 4 यूनिकॉर्न थे. इस क्रम में पीएम मोदी ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम है. उन्होंने कहा कि युवाओं के आइडिया से बहुत सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो रहे हैं.
पीएम ने कहा,आज से 10 साल पहले विज्ञान भवन में 500-700 नौजवानों के बीच इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी थी. उस समय स्टार्टअप की दुनिया में जो नये नये लोग आ रहे थे, उनके अनुभव मेंने सुने. आज विज्ञान भवन से भारत मंडपम में जगह नहीं है.
पीएम ने कहा, मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस एक सप्ताह में ही देश के नौजवानों से दूसरी बार मिलने का मौका मिल रहा है.अभी 12 जनवरी को युवा दिवस पर मैं देशभर से आये हुए करीब 3000 युवकों से मिला. दो-ढाई घंटे तक उनको सुनता रहा था और उनके साथ बैठा.
आज मुझे आप सबको सुनने का और मेरे देश के नौजवानों की शक्ति के दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला है. पीएम मोदी ने कहा कि Startup India का momentum लगातार तेज हो रहा है.
आज के startups यूनिकॉर्न बन रहे हैं, यूनिकॉर्न अपने IPOs launch कर रहे हैं, ज्यादा से ज्यादा jobs create कर रहे हैं. पिछले साल 2025 में 44 हजार और नये startups रजिस्टर हुए हैं.
पीएम ने कहा, पहले नया बिज़नेस और नया वेंचर केवल बड़े-बड़े घरानों के बच्चे ही लेकर आते थे. क्योंकि, उन्हें ही आसानी से फंडिंग मिलती थी, सपोर्ट मिलता था. कहा कि मिडिल क्लास और गरीब घर के ज्यादातर बच्चे केवल नौकरी का सपना देख पाते थे. लेकिन, स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम ने इस सोच को बदल दिया है.
पीएम ने कहा कि अब टियर-2 और टियर- 3 शहरों के, यहां तक की गांवों के युवा अपने स्टार्टअप खोल रहे हैं. यही युवा आज सबसे ज्यादा जमीनी समस्याओं का समाधान देने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. इस बदलाव में एक बड़ी भूमिका देश की बेटियों की रही है.आज 45 प्रतिशत से ज्यादा recognized startups में कम से कम एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है.
पीएम ने कहा, पहले देश में Risk लेने को हतोत्साहित किया जाता था, लेकिन आज risk लेना मुख्य धारा में आ गया है. कहा कि मंथली सैलरी से आगे सोचने वालों को अब केवल accept ही नहीं, लेकिन अब उसे respect किया जाता है.
पीएम ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा, Risk लेने पर मैं खास तौर ज़ोर देता रहा हूँ, क्योंकि यह मेरी पुरानी आदत है. पीएम मोदी ने राजनीति के संबंध में कहा, जो काम पहले कोई करने के लिए तैयार नहीं होता था, ऐसे काम जो दशकों से पहले की सरकारों ने नहीं छुए, क्योंकि उनमें चुनाव हारने का, कुर्सी जाने का डर था.
जिन कामों के लिए लोग आकर कहते थे, ये बहुत पॉलिटिकल रिस्क है, मैं उन कार्यों को अपना दायित्व समझकर जरूर करता हूं. पीएम ने युवाओं स कहा, आपकी तरह ही मेरा भी मानना है, जो काम देश के लिए जरूरी है, वो किसी ना किसी को तो करना ही होगा,
किसी को तो रिस्क लेना ही होगा. नुकसान होगा तो मेरा होगा, लेकिन अगर फायदा होगा, तो मेरे देश के करोड़ों परिवारों को फायदा होगा.
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