Ranchi News : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में हुए कथित घोटालों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया है कि पिछले 6-7 साल में राज्य में हुए कई बड़े घोटालों में सीएम और उनके करीबियों के नाम सामने आये हैं. ऐसे में इन मामलों की जांच राज्य की एजेंसियों से निष्पक्ष तरीके से नहीं हो सकती.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि साहिबगंज में 1200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले में सीएम के विधायक प्रतिनिधि मुख्य आरोपी हैं. उन्होंने शराब घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें सीएम के पूर्व सचिव विनय चौबे को मुख्य सूत्रधार बताया गया है.
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भाजपा नेता ने JSSC-CGL नियुक्ति मामले को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. मरांडी ने कहा कि नौकरी बेचने के मामले में सीएम के मित्र और सीएम आवास से जुड़े लोगों की भूमिका के आरोप सामने आए हैं. जमीन घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में सीएम के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया तक पहुंच चुकी है.
वहीं, पद के दुरुपयोग कर खनन लीज लेने के मामले में भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए. मरांडी ने कहा कि राज्य में बालू, पत्थर, कोयला और लौह अयस्क से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग और नियुक्तियों तक भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं.
राज्य की जांच एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब किसी मामले के तार सीएम तक पहुंचने के आरोप हों, तो ACB और CID जैसी एजेंसियां निष्पक्ष जांच कैसे कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए.
मरांडी ने शराब घोटाले में ACB की कार्रवाई और नियुक्ति घोटाले में CID की जांच को लेकर भी सवाल उठाए. आरोप लगाया कि शराब घोटाले में ACB ने चार्जशीट दाखिल नहीं की, जबकि नियुक्ति घोटाले में CID की जांच की दिशा बदल दी गई. मरांडी ने कहा कि इन सभी गंभीर मामलों में CBI जांच होनी चाहिए. उनके अनुसार, स्वतंत्र एजेंसी से जांच होने पर ही निष्पक्षता बनी रहेगी और जनता का भरोसा कायम होगा.
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