Search

 
 
 

NHM योजनाओं को लेकर राज्य स्तरीय संवाद, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर जोर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया.
 

Ranchi : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. 

 

प्रेस वार्ता को एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने संबोधित किया. इस अवसर पर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, डॉ. कमलेश, डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे.

 

अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की सही जानकारी देना है. उन्होंने कहा कि जागरुकता के अभाव में कई योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता है, इसलिए मीडिया के माध्यम से संवाद को और मजबूत किया जा रहा है.

 

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 10 फरवरी से 25 फरवरी तक पूरे राज्य में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवाएं दी जाएंगी.

 

अभियान में पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि कोई भी परिवार दवा से वंचित न रहे. उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं है और फाइलेरिया होने के बाद इसका पूर्ण उपचार संभव नहीं है, इसलिए रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय है.

 

मलेरिया को लेकर उन्होंने कहा कि रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन मच्छरदानी के उपयोग में लापरवाही और जागरुकता की कमी के कारण संक्रमण के मामले सामने आते हैं.

 

कुष्ठ रोग के संबंध में उन्होंने बताया कि 30 जनवरी से 13 फरवरी तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि कुष्ठ रोग हाथ मिलाने से नहीं फैलता, बल्कि लंबे समय तक निकट संपर्क में रहने से हो सकता है. समय पर जांच और इलाज से इस रोग पर पूरी तरह नियंत्रण संभव है.

 

टीबी को लेकर उन्होंने कहा कि इसका वन टू वन इलाज उपलब्ध है. मरीजों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार कराना चाहिए. टीबी मरीजों को इलाज के दौरान एक हजार रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता भी दी जा रही है.

 

प्रबंध निदेशक ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि यहां 106 प्रकार की दवाएं और 64 तरह की जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने लोगों से नियमित जांच कराने की अपील की.

 

चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर सभी सीएचओ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. साथ ही ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच पर भी जोर दिया गया.

 

पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने बताया कि 11 फरवरी 2025 से 20 जनवरी 2026 तक आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत चार लाख 18 हजार 666 मामले दर्ज किए गए हैं.

 

निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने थैलेसीमिया से जुड़े चाईबासा मामले पर कहा कि जांच टीम रवाना हो चुकी है और शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध होगी. उन्होंने बताया कि मामला तीन वर्ष पुराना है, इसके बावजूद सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

 

उन्होंने बताया कि अगले दो महीनों में 237 नई एंबुलेंस राज्य में शामिल की जाएंगी, जो पुरानी एंबुलेंस का स्थान लेंगी. वर्तमान में 108 सेवा के तहत 487 एंबुलेंस संचालित हैं, जबकि 100 से अधिक छोटी एंबुलेंस भी राज्यभर में कार्यरत हैं. नई एंबुलेंस में जीपीएस और ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा होगी.

 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एंबुलेंस और शव वाहन अलग सेवाएं हैं. प्रत्येक जिले में दो शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शव वाहन खरीदे जाएंगे.

 

प्रेस वार्ता के अंत में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि विभाग मीडिया से नियमित संवाद की दिशा में पहल कर रहा है. इसके तहत सप्ताह में एक दिन पत्रकारों के लिए निर्धारित किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी नियमित रूप से साझा की जा सके.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही