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Jharkhand News: खनिजों के ओवर लोडिंग से राज्य को सालना 1500 करोड़ का नुकसान

केंद्रीय लोक उपक्रमों द्वारा खनिजों की ढुलाई में ओवर लोडिंग करने से राज्य को सालाना 1500 करोड़ रुपये के नुक़सान का अनुमान है. खान भूतत्व विभा ने CCL, BCCL, NTPC Mining Ltd, WBPDCL और DVC Tubed Coal Mine द्वारा भेजे गए कोयले की मात्रा और JIMMS पोर्टल पर उपलब्ध चालान के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह नतीजा निकाला है.
 

Ranchi: केंद्रीय लोक उपक्रमों द्वारा खनिजों की ढुलाई में ओवर लोडिंग करने से राज्य को सालाना 1500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है. खान भूतत्व विभा ने CCL, BCCL, NTPC Mining Ltd, WBPDCL और DVC Tubed Coal Mine द्वारा भेजे गए कोयले की मात्रा और JIMMS पोर्टल पर उपलब्ध चालान के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह नतीजा निकाला है. साथ ही खान सचिव ने इसकी विस्तृत जानकारी परिवहन सचिव को भेजी है और कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

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परिवहन सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि खान भूतत्व विभाग ने सिर्फ 11,12 और 13 अगस्त 2026 के आंकड़ों का विश्लेषण किया. इसके लिए CCL, BCCL, NTPC, WBPDCL और DVC Tubed Coal Mine द्वारा भेजे गए खनिजों की मात्रा और JIMMS पोर्टल पर उलब्ध चालान में दर्ज ब्योरे का विश्लेषण किया गया. इन दिनों में कोयले की ढुलाई के लिए पोर्टल पर 41,969 चालान, लौह अयस्क की ढुलाई के लिए 1,435 चालान और पत्थरों की ढुलाई के लिए 19,319 चालान उपलब्ध थे.

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इन 62,723 चालानों में से 40,763 चालानों के विश्लेषण से 77456.255 MT कोयले की ढुलाई की पुष्टि हुई. 77456.255 MT कोयले में से CCL ने अकेले 56,600.592 MT कोयले की ढुलाई की थी. BCCL ने 7543.963, WBPDCL ने 5760.84 MT, NTPC Mining Ltd ने 2826.35 MT और DVC Tubed Coal Mine ने 3072.47 MT कोयले की ढुलाई की थी.

 

चलान और खनिजों की ढुलाई के आंकड़ों के विश्लेषण से ओवर लोडिंग किए जाने की पुष्टि होती है. साथ ही इस बात की भी जानकारी मिलती है कि एक-एक ट्रक पर 15 टन और उससे भी अधिक खनिजों की ढुलाई की गयी है. Motor Vehicles Act 1988 के तहत यह दंडनीय अपराध है.

 

अधिनियम में ऐसे ट्रकों पर 20 हजार रुपये के अतिरिक्त दो हजार रुपये प्रति टन की दर से दंड लगाने का प्रावधान है. नियमानुसार सिर्फ तीन में किये गए ओवर लोडिंग से राज्य को दंड के रूप में 15.49 करोड़ रुपये मिलना चाहिए था. दंड की वसूली नहीं होने की वजह से ओवर लोडिंग के इस आंकड़ों के आधार पर सरकार को सालाना दंड के रूप में 1500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है.

 

परिवहन सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ओवर लोडिंग की वजह से सरकार को राजस्व के अलावा और भी कई तरह का नुकसान हो रहा है. ओवर लोडिंग की वजह से राज्य की आधारभूत संरचना को भारी नुकसान हो रहा है.

 

ओवर लोडिंग की वजह से राज्य की सड़कें खराब हो रही है. इससे दुर्घटना होने का खतरा बढ़ता है. ओवर लोडिंग की वजह से खराब हुई सकड़ों के रखरखाव पर राज्य सरकार को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. खान सचिव ने परिवहन सचिव को इस स्थिति से निपटने के लिए कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

 

कार्रवाई के लिए निर्धारित बिंदु

- चालान और संबंधित वाहन की जांच

- मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंड की वसूली

- नियमित रुप से ओवर लोडिंग करने वाले ट्रांसपोर्टरों की पहचान

- कोयले की ढुलाई से जुड़े रास्तों पर गहन जांच

-  खनिजों की ढुलाई में लगी गाड़ियों को बिना रोके उसका वजन लेने की तकनी स्थापित करना

- धर्मकांटा के आंकड़ों को जांच के लिए साझा करना

- खान, परिवहन, पुलिस और जिला प्रशासन का ज्वाइंट टीम बनाना

-JIMMS के आंकड़ो को खुद ही ओवर लोडिंग पकड़ने के लिए अपग्रेड करना

- धर्म कांटा और ढुलाई के आंकड़ों का विश्लेषण करना

- कोयला कंपनियों, ट्रांसपोर्टरों, माइंस ऑपरेटरों को दिशा निर्देश जारी करना

 

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