Ranchi : पाकुड़ में DMFT फंड से कराए गए सड़क और गार्डवॉल के काम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इन कामों की जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि निर्माण में नियमों की अनदेखी हुई और सरकारी राशि के इस्तेमाल में गड़बड़ी की गई.
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मामला पाकुड़ अंचल की इलामी पंचायत का है. यहां इलामी से बागानपाड़ा तक करीब 95 लाख रुपये की लागत से PCC सड़क और गार्डवॉल बनाया गया. मरांडी के अनुसार, काम पूरा होने के कुछ ही महीनों बाद सड़क पर गड्ढे और दरारें दिखने लगी हैं.
ग्रामीणों ने भी काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि पहले से बनी सड़क के ऊपर सिर्फ करीब 4 इंच की नई ढलाई कर दी गई. वहीं, गार्डवॉल की नींव भी सिर्फ करीब 5 इंच की बनाई गई. गार्डवॉल में घटिया बोल्डर और कम मात्रा में निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में सीमेंट की मात्रा कम रखी गई और खराब बालू का इस्तेमाल किया गया. इसके कारण कई जगह सड़क टूटने लगी है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच अभी नहीं हुई है.
एक और गार्डवॉल को लेकर गंभीर आरोप
मरांडी ने इलामी पंचायत में एक दूसरी योजना का भी जिक्र किया है. उनके पत्र के अनुसार सतार मौलवी के घर के पास 150 फीट गार्डवॉल बनना था. इसकी अनुमानित लागत करीब 95 लाख रुपये बताई गई है.
आरोप है कि मौके पर सिर्फ 50 फीट गार्डवॉल बनाया गया, लेकिन पूरी राशि की निकासी कर ली गई. मरांडी ने इस मामले में संवेदक और संबंधित अभियंताओं की भूमिका की जांच की मांग की है.
जांच हुई तो सामने आएगा सच
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि सड़क और गार्डवॉल की गुणवत्ता, DPR के अनुसार काम और इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री की जांच होनी चाहिए.
उन्होंने दोषी पाए जाने वाले संवेदक और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही, जांच के बाद सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है.
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