Chatra News: नाबालिग बच्ची को कथित तौर पर अवैध तरीके से सरकारी आवास में रखकर उससे बाल मजदूरी कराने और मारपीट करने के गंभीर आरोपों में चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने बड़ी कार्रवाई की है. एसपी ने महिला थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक फिरदौस नाज तथा सदर थाना में पदस्थापित उनके पति पुलिस अवर निरीक्षक टीपू अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
इसे भी पढ़ें:
बाल कल्याण समिति (CWC) की शिकायत और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन की रिपोर्ट के आधार पर कि गई कार्रवाई के तहत दोनों आरोपी दारोगा दंपति को निलंबन अवधि में पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दिये गए हैं.
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और उनके पति टीपू अंसारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाल कल्याण समिति से पत्र प्राप्त हो चुका है. सदर थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और गलत करने वाले को कानून के तहत दंडित किया जाएगा. वहीं एसपी अनिमेष नैथानी ने कहा कि नाबालिग बच्ची से बाल मजदूरी कराना और उसके साथ बेरहमी से मारपीट करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून गरीबों और जरूरतमंदों की सुरक्षा के लिए है और कानून की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि विगत रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर CWC की विशेष टीम ने सदस्य सह बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट प्रियंका अधिकारी के नेतृत्व में सदर थाना परिसर स्थित दारोगा दंपति के संयुक्त सरकारी आवास में छापेमारी की थी. इस दौरान टीम ने वहां से एक नाबालिग बच्ची को रेस्क्यू किया था, जिसके चेहरे पर चोट के निशान पाए गए थे.
आरोप है कि बच्ची ने CWC टीम के समक्ष महिला थाना प्रभारी और उनके एसआई पति पर घरेलू काम कराने और नियमित रूप से मारपीट व प्रताड़ित करने का आरोप लगाई है. इसके बाद बच्ची को सीसीआई में भेज दिया गया. CWC ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी कराया है था बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान भी दर्ज करा दिया गया है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

