Search

झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्ट पर सख्ती, 48 घंटे से ज्यादा रखने पर रोक

Ranchi: झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के लिए नई व्यापक गाइडलाइन बनाने का निर्णय लिया गया.

 

बैठक में निर्देश दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गाइडलाइन तैयार की जाए, जिसका पालन राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए अनिवार्य होगा. अधिकारियों ने साफ कहा कि कचरा प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.

 

बैठक में डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल और डॉ. रंजीत ने बताया कि फिलहाल राज्य में पांच कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी काम कर रही हैं, जहां कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा है.

 

नई गाइडलाइन के तहत कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा. इसमें कचरे के उठाव से लेकर अंतिम निस्तारण तक बारकोडिंग और जीपीएस ट्रैकिंग को सख्ती से लागू किया जाएगा. साथ ही बिना उपचार वाले कचरे को 48 घंटे से ज्यादा समय तक रखने पर रोक लगाई जाएगी.

 

नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसमें पर्यावरण मुआवजा दंड लगाने के साथ-साथ संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द करने तक का प्रावधान रहेगा.

 

बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में बायो-मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए डीप बरियल जैसे वैज्ञानिक तरीकों का मानकों के अनुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए. अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि नई गाइडलाइन लागू होने के बाद राज्य में बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन व्यवस्था और अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//