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रांची में बोरिंग के लिए सख्त नियम लागू, रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

Ranchi News: नगर निगम की नई व्यवस्था के तहत बिना पूर्व अनुमति बोरिंग कराने पर आवासीय भवनों के लिए 25 हजार रुपये और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही अवैध बोरिंग को सील भी किया जा सकता है. नगर निगम ने बोरिंग की अनुमति के लिए शुल्क भी निर्धारित किया है. आवासीय भवनों में 0 से 5000 वर्गफीट तक के बिल्ड-अप एरिया के लिए 2500 रुपये और 5000 वर्गफीट से अधिक के लिए 5000 रुपये शुल्क लगेगा.
 
नोटिस चिपकाते अधिकारी

Ranchi News:  राजधानी में लगातार गिरते भूजल स्तर और गर्मियों में जल संकट की स्थिति को देखते हुए रांची नगर निगम ने बोरिंग कराने को लेकर नए और सख्त नियम लागू किए हैं. अब नगर निगम क्षेत्र में 4 इंच बोरिंग की अनुमति उन्हीं भवनों को मिलेगी, जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू स्थिति में होगा.

 

नगर निगम की नई व्यवस्था के तहत बिना पूर्व अनुमति बोरिंग कराने पर आवासीय भवनों के लिए 25 हजार रुपये और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही अवैध बोरिंग को सील भी किया जा सकता है.

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नगर निगम ने बोरिंग की अनुमति के लिए शुल्क भी निर्धारित किया है. आवासीय भवनों में 0 से 5000 वर्गफीट तक के बिल्ड-अप एरिया के लिए 2500 रुपये और 5000 वर्गफीट से अधिक के लिए 5000 रुपये शुल्क लगेगा. वहीं वाणिज्यिक भवनों में 0 से 1000 वर्गफीट तक के लिए 10 हजार रुपये और 1000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र के लिए 10 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है.

 

निगम के नियमों के अनुसार, अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा. निर्धारित अवधि में काम नहीं कराने पर अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी. एक भवन में मालिक के नाम से केवल एक बोरिंग की अनुमति दी जाएगी. जिस भवन में पहले से 6 इंच की बोरिंग है, वहां नई 4 इंच बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी.

 

वाणिज्यिक बोरिंग में फ्लो मीटर लगाना अनिवार्य होगा. सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर किसी भी परिस्थिति में बोरिंग की अनुमति नहीं होगी. बोरिंग की अंतिम अनुमति देने से पहले कनीय या सहायक अभियंता द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जाएगा. अधिकारी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट देंगे. इसके बाद ही बोरिंग की अनुमति प्रदान की जाएगी.

 

बोरिंग के लिए आवेदक को नगर निगम की जलापूर्ति शाखा में निर्धारित आवेदन पत्र जमा करना होगा. इसके साथ पहचान पत्र, होल्डिंग रसीद, प्रस्तावित बोरवेल स्थल की GPS फोटो, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का विवरण और फोटो तथा शपथ पत्र देना होगा.

 

शपथ पत्र में यह घोषणा करनी होगी कि बोरिंग निजी भूमि पर और केवल पेयजल अथवा घरेलू उपयोग के लिए की जा रही है. बोरिंग होने के बाद जलस्तर और बोरिंग की गहराई की जानकारी भी नगर निगम को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.

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