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सीएम से नहीं मिलने पर छात्र नेता आक्रोशित, सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल

Ranchi : झारखंड में सहायक आचार्य (Assistant Professor) नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर छात्र नेता राहुल कुमार क्रांति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं मिली.

 

जानकारी के अनुसार, 260001 पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसमें लगभग 9000 अभ्यर्थियों का ही परिणाम जारी किया गया. शेष 16 हजार से अधिक उम्मीदवार अब तक नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री हाउस की ओर से कहा गया है कि प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण रोकी गई है.

 

मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए राहुल कुमार क्रांति ने एसपी को आवेदन दिया था. एसपी द्वारा आवेदन मुख्यमंत्री कार्यालय भेजे जाने के बाद वहां से जवाब मिला कि मुख्यमंत्री आम लोगों से नहीं मिलते है. इस पर आक्रोश व्यक्त करते हुए राहुल कुमार क्रांति ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री आम जनता से नहीं मिलते, तो वोट मांगने जनता के पास क्यों जाते हैं?

 

उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि झारखंड में परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रियाओं में लगातार भ्रष्टाचार बढ़ रहा है. छात्र नेता ने आरोप लगाया कि सहायक आचार्य परीक्षा में कई अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन (DB) पूरा हो जाने के बावजूद उन्हें नियुक्ति से बाहर कर दिया गया.

 

राहुल कुमार क्रांति ने कहा कि हम अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत से परीक्षा पास करते हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता और भ्रष्टाचार के कारण नियुक्ति नहीं हो पा रही है. झारखंड सरकार शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.

 

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके.

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