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छात्रों की समस्या सिर्फ 14वीं JPSC तक नहीं, पिछले 6 साल की सभी विवादित परीक्षाओं की हो जांच- बाबूलाल

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्या सिर्फ 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है.
 
झारखंड की राजधानी रांची की खबरें

Ranchi: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्या सिर्फ 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है. पिछले 6 वर्षों में JSSC और JPSC की कई परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली के आरोप सामने आए हैं.

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बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में JSSC ने सहायक आचार्य के 26,001 पद, CGL के 2,200 पद, PGT के 3,120 पद और उत्पाद सिपाही के 583 पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन परीक्षाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई और नौकरियां बेचने का काम किया गया.

 

उन्होंने JPSC की 11वीं, 12वीं, 13वीं और 14वीं परीक्षाओं में भी गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया. मरांडी ने कहा कि इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी ही परीक्षा की असली समस्याओं और अनियमितताओं को सबसे बेहतर तरीके से बता सकते हैं.

 

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि NSUI, झामुमो और वामदल के छात्र संगठनों के जो लोग इन परीक्षाओं में शामिल ही नहीं हुए, वे परीक्षा से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को सरकार के सामने कैसे रख सकते हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि हर परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की जाए और उनकी समस्याएं सुनी जाएं.

 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार केवल एक या दो परीक्षाओं पर ध्यान देकर पूरे मामले का समाधान नहीं कर सकती. उन्होंने पिछले 6 वर्षों में JPSC और JSSC की ओर से आयोजित सभी विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष CBI जांच की मांग की.

 

बाबूलाल ने आरोप लगाया कि सरकार अभ्यर्थियों के बीच भ्रम पैदा करने और कुछ चुनिंदा चेहरों को मीडिया में आगे कर मामले से बचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जरूरी है और जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी साबित हो, उन्हें रद्द किया जाना चाहिए.

 

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