Ranchi : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में आज रांची विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न कॉलेज के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया. इस आंदोलन में राम लखन सिंह यादव कॉलेज, रांची वीमेंस कॉलेज सहित अन्य संस्थानों के छात्र-छात्राएं शामिल थे.
छात्रों ने रांची विश्वविद्यालय पर गंभीर शैक्षणिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के कई विभागों में वर्षों से प्राध्यापकों की भारी कमी बनी हुई है. हालात ऐसे हैं कि कई विषयों में नियमित शिक्षक नहीं हैं, जिसके कारण छात्रों को कठिन विषयों की स्व-अध्ययन (Self Study) के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांग हाल ही में जारी परीक्षा परिणामों से जुड़ी है. छात्रों का आरोप है कि सेमेस्टर 5 परीक्षाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को संदिग्ध तरीके से फेल कर दिया गया है. कई छात्रों को बेहद कम अंक मिले हैं, जबकि कुछ मामलों में एक जैसे अंक देकर असफल किया गया है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
छात्रों का कहना है कि वे लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत करते रहे हैं, लेकिन बिना आंदोलन के कोई सुनवाई नहीं होती. छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के अधिकारी तभी सक्रिय होते हैं, जब बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाता है.
वहीं, छात्र आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार ने छात्रों की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन संबंधित प्राध्यापकों द्वारा उनके पेशेवर विवेक से किया जाता है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छात्रों को परिणामों पर आपत्ति है, तो प्रशासन पुनरीक्षण (Review) के लिए तैयार है और संभावित त्रुटियों की जांच की जाएगी.
अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों और संसाधनों की भारी कमी है, जिसके कारण बड़ी संख्या में पाठ्यक्रमों और परीक्षाओं का संचालन चुनौतीपूर्ण हो जाता है. इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक कैलेंडर को सुचारु करने और छात्रों की शिकायतों के समाधान की दिशा में प्रयास कर रहा है.
छात्र संगठनों का कहना है कि यह केवल परीक्षा परिणाम का मामला नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में फैले संकट का संकेत है, जहां प्रशासनिक उदासीनता और कमजोर मूल्यांकन प्रणाली छात्रों के भविष्य और करियर को खतरे में डाल रही है. छात्रों ने सारे मामले पर परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन भी सौंपा है.
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