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EXCLUSIVE : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सफलता : 8 माह में मारे गए 3.15 करोड़ के 11 इनामी समेत 28 नक्सली

झारखंड में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को नक्सलवाद के खिलाफ लगातार बड़ी सफलता मिल रही है. 1 जनवरी से 15 सितंबर 2025 तक, राज्य के  लातेहार, चाईबासा, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और गुमला जिलों में हुई मुठभेड़ों में कुल 28 नक्सली मारे गए हैं.
 
  • मारे गए 28 नक्सलियों में दो सेंट्रल कमिटी मेंबर भी शामिल

Ranchi :  झारखंड में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को नक्सलवाद के खिलाफ लगातार बड़ी सफलता मिल रही है. 1 जनवरी से 15 सितंबर 2025 तक, राज्य के  लातेहार, चाईबासा, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और गुमला जिलों में हुई मुठभेड़ों में कुल 28 नक्सली मारे गए हैं.

 

28 में 11 इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर कुल 3.15 करोड़ का इनाम घोषित था. मारे गए नक्सलियों में दो सेंट्रल कमेटी मेंबर प्रयाग मांझी और सहदेव सोरेन भी शामिल हैं. केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.

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जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा

 

झारखंड के इतिहास में पहली बार लातेहार में नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति भी नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रही है. दो सितंबर को झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के नौ उग्रवादियों ने एक साथ लातेहार पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था.

 

राज्य के इतिहास में यह पहली बार था, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इन उग्रवादियों के पास से एके-47, एसएलआर, एके-56 जैसे आधुनिक हथियार बरामद हुए थे.इनमें से पांच पर कुल 23 लाख का इनाम था.

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लातेहार में एक साथ नौ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 

बीते आठ सालों की तुलना में 2025 में मारे गए सबसे अधिक नक्सली  

झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक मारे गए नक्सलियों की संख्या पिछले आठ वर्षों में सबसे अधिक है. साल 2017 में 27, 2018 में 25, 2019 में 31, 2020 में 18
2021 में 08, 2022 में 13, 2023 में 14, 2024 में 11 और 2025 में 28 (अभी तक) नक्सली मारे गए हैं.

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मुठभेड़ में मारा गया नक्सली

 

झारखंड के 5 जिले हैं माओवाद प्रभावित

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, गुमला, लातेहार और लोहरदगा झारखंड के माओवाद प्रभावित जिले हैं. इनमें से गिरिडीह, गुमला, लातेहार और लोहरदगा को 'डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न की सूची में रखा गया है, जहां सुरक्षा बलों का विशेष ध्यान है.

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मुठभेड़ में मारा गया मार्टिन केरकेट्टा

 

साल 2025 में मारे गए 11 इनामी समेत 28 नक्सलियों की सूची

- 15 सितंबर : हजारीबाग जिले के गोहरर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक करोड़ इनामी नक्सली सहदेव सोरेन, 25 लाख इनामी रघुनाथ हेंब्रम और दस लाख इनामी बिरसेन गंझू मारा गया.

- 14 सितंबर : पलामू जिले के मनातू के जंगल में हुए मुठभेड़ में टीपीसी उग्रवादी संगठन का कमांडर पांच लाख इनामी मुखदेव यादव मारा गया.

- 08 सितंबर : चाईबासा जिले के गोइलकेरा में हुई मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन ढेर हो गया था.

- 13 अगस्त : चाईबासा में पोस्ता के जंगल में पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक नक्सली मारा गया.

- 05 अगस्त : गुमला में पुलिस ने पीएलएफआई उग्रवादी संगठन के कमांडर 15 लाख का इनामी उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा को मार गिराया था.

- 26 जुलाई : गुमला जिले में पुलिसवालों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर कर दिए गए. मारे गए सभी नक्सली जेजेएमपी के थे.

- 16 जुलाई : बोकारो में सुरक्षाबलों ने 25 लाख के इनामी कुंवर मांझी सहित दो नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया था.

- 26 मई : लातेहार पुलिस ने पांच लाख के इनामी नक्सली मनीष यादव को एनकाउंटर में ढेर किया था.

- 24 मई : लातेहार पुलिस ने जेजेएमपी सुप्रीमो 10 लाख के इनामी पप्पू लोहरा और पांच लाख के इनामी प्रभात गंझू को मार गिराया था.

- 27 मई : पलामू में पुलिस ने मुठभेड़ में माओवादी तुलसी भुइयां को ढेर किया था.

- 21 अप्रैल : बोकारो जिले के लुगु पहाड़ पर सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रयाग मांझी उर्फ विवेक और दस लाख इनामी साहेबराम मांझी सहित आठ माओवादी मारे गए थे.

- 29 जनवरी : चाईबासा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए थे, जिनमें एक महिला भी शामिल थी.

- 22 जनवरी : बोकारो में पुलिस और भाकपा माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो नक्सली मारे गए थे. मारे गए नक्सली में एरिया कमांडर रही शांति का नाम शामिल थी, जबकि दुसरा नक्सली मनोज था.

 

 

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