Ranchi News: सदर अस्पताल रांची में डॉक्टरों की टीम ने एक गंभीर मरीज का बिना चीर-फाड़ सफल इलाज किया है. मरीज की पित्त की नली में 4 साल पुराना स्टेंट फंसा हुआ था. इसके साथ ही करीब 70 से 80 पथरी और काफी मात्रा में कीचड़ भी जमा था.
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राज्य के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ जयंत कुमार घोष ने 25 अगस्त 2026 को ईआरसीपी और दूरबीन विधि से मरीज का सफल इलाज किया.
जानकारी के अनुसार, करीब 4 साल पहले मरीज को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई थी. जांच में पित्त की नली में पथरी मिली थी. उस समय ईआरसीपी के जरिए इलाज किया गया था और पित्त की नली में एक स्टेंट लगाया गया था. डॉक्टरों ने स्टेंट को 1 से 2 महीने के भीतर निकालने की सलाह दी थी.
लेकिन निजी कारणों से मरीज तय समय पर स्टेंट नहीं निकलवा पाया. करीब 4 साल बाद मरीज को फिर से असहनीय पेट दर्द और गंभीर पीलिया की शिकायत हुई. इसके बाद उसने सदर अस्पताल में डॉ जयंत कुमार घोष से संपर्क किया.
जांच में पता चला कि 4 साल पहले लगाया गया स्टेंट अब भी पित्त की नली में मौजूद है. इसके आसपास करीब 70 से 80 पथरी और कीचड़ जमा हो गया था. मरीज की स्थिति गंभीर थी.
डॉ जयंत कुमार घोष और उनकी टीम ने बिना किसी बड़े ऑपरेशन या चीर-फाड़ के ईआरसीपी और दूरबीन विधि से इलाज किया. इलाज के दौरान पुराना स्टेंट, पथरी और जमा कीचड़ को सफलतापूर्वक निकाला गया.
इस सफल इलाज में डॉ वसुधा, डॉ नीरज, एंडोस्कोपी टेक्निशियन शेषनाथ यादव, सिस्टर स्वेता, सिस्टर सरिता, ओटी टेक्निशियन मोहित और सुरेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
इस जटिल इलाज को सफल बनाने में ओटी इंचार्ज डॉ अखिलेश झा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ बिमलेश सिंह और सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद का भी सहयोग रहा.
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