Ranchi: आगामी राजकीय श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर मंत्री से सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में देवघर परिसदन के सभागार समीक्षा बैठक हुई. इस दौरान उपायुक्त देवघर सौरभ कुमार भुवानिया और उपायुक्त दुमका अभिजीत सिन्हा ने एक-एक कर विभागवार मेला क्षेत्र में किये जाने वाले विभिन्न कार्यों के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व नये तकनीकों के उपयोग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को पीपीटी के माध्यम से अवगत कराया.
बैठक के दौरान सुदिव्य कुमार ने कहा कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक राजकीय श्रावणी मेला की तिथि निर्धारित है. ऐसे में सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में की जाने वाली तैयारियों और श्रद्धालुओं की तमाम सुविधाएं 28 तारीख तक हर हाल में दुरूस्त कर ली जाएं, जिससे बाहर से आने श्रद्धालु सुलभ व सुरक्षित जलार्पण की सुविधा पा सकें. साथ ही उन्होंने राजकीय श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को लेकर (आउट ऑफ टर्न दर्शन) वीआईपी, वीवीआईपी दर्शन पर पूर्ण रूप से बंद रहने की बात कही, ताकि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि अगले 29 तारीख को पुनः देवघर और दुमका में उपलब्ध यात्री सुविधाओं की समीक्षा की जायेगी.
मंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला झारखंड का सबसे बड़ा मेला है, ऐसे में मेले में आकर श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ की नगरी से मधुर स्मृति लेकर वापस लौटें, यह हम सभी की जिम्मेवारी व जवाबदेही है.
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आगे राजकीय श्रावणी मेला के दौरान की जाने वाली तैयारियों की विभागवार समीक्षा के क्रम में विद्युत आपूर्ति, पथ निर्माण विभाग, नगर निगम, जनसम्पर्क विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पर्यटन, कला संस्कृति खेल कूद एवं युवा कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, भवन प्रमंडल एवं पुलिस विभाग द्वारा किये जाने वाले कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गयी.
समीक्षा बैठक में सम्पूर्ण मेला क्षेत्र अन्तर्गत सुरक्षा के दृष्टिकोण से बनाये जाने वाले ओपी, ट्रैफिक ओपी, स्वास्थ्य केन्द्र, सूचना सह सहायता केन्द्र, विद्युत केन्द्र, पर्यटन केन्द्र, मातृत्व विश्राम गृह के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाये जाने वाले टेंट सीटी, मेला क्षेत्र में शौचालय, पेयजल, स्नानगृह, कूड़ेदान, साफ-सफाई व कचड़ा उठाव की व्यवस्थाओं को चौबीस घंटे दुरूस्त रखने का निर्देश दिया गया. साथ ही मेला क्षेत्र में पथ प्रकाश, साज-सज्जा, तोरण द्वार और विद्युत आपूर्ति को लेकर सुरक्षात्मक उपायों के अलावा वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था की स्थिति को दुरूस्त करने का निर्देश दिया.
आगे उन्होंने तीन स्थलों पर बनाये जाने वाले टेंट सिटी में श्रद्धालुओं के आवासन की सुविधा को बेहतर और वृहत करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को आवासन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके अलावा गर्मी और उमस से निजात के उद्देश्य से मिस्टकूलिंग और इंद्र वर्ष की संख्या में इजाफा करने का निर्देश दिया गया है.
साथ देवघर और बासुकीनाथ के बीच आवागमन में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसे लेकर जिला स्तर के अधिकारियों और नेशनल हाइवे के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया. आगे उन्होंने मेला क्षेत्र में क्यू आर कोड के माध्यम से फीडबैक सिस्टम को बेहतर तरीके से मेला में उपयोग करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को होने वाली समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया जा सके, जिसके पश्चात संबंधित विभाग के द्वारा त्वरित समस्याओं का निराकरण किया जा सके.
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अपने अपने आवंटित कार्यों के अलावा किये जाने वाले कार्यों को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों और कार्यपालक अभियंता को आवश्यक निर्देश दिया.
राजकीय श्रावणी मेला के दौरान तकनीकी के क्षेत्र में एआई बेस्ड इन्ट्रीगेटेड मेला कन्ट्रोल रूम, एआई बेस्ड कैमरा, चैट बोर्ड-इन्फॉरमेशन फीडबैक एंड हेल्पलाइन, एआई बेस्ड ट्रैफिक मैनजेमेंट सिस्टम, सामान्य कैमरा के आसपास, एआई बेस्ड ड्रोन के आसपास टेलीविजन, फेस रिकोग्नाईशन कैमरा, हेड काउन्टिंग, हाई क्वालिटी एएनपीआर कैमरा विभिन्न स्थानों पर और क्यू आर बेस्ड कम्पलेन सिस्टम और लोकेशन बेस्ड एटेंन्डेंस सिस्टम व डिजिटल पवेलियम का उपयोग किया जायेगा.
बैठक में ये रहे मौजूद
इस दौरान उपरोक्त के अलावा देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुण्डी विधायक देवेन्द्र कुंवर, ऊर्जा विभाग सचिव, सचिव भवन निर्माण विभाग, सचिव पर्यटन कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, सचिव आपदा प्रबंधन प्रभाग, सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, अवर सचिव वित विभाग, पर्यटन निदेशक, संथाल परगना कमिश्नर, पुलिस उप महानिरीक्षक दुमका, जेटीडीसी के एमडी, संयुक्त निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, पुलिस अधीक्षक देवघर, पुलिस अधीक्षक दुमका, महापौर नगर निगम देवघर, उप विकास आयुक्त देवघर व दुमका, नगर आयुक्त देवघर, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर व दुमका, सिविल सर्जन देवघर व दुमका, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा, संबंधित विभागों के अधिकारी व कार्यपालक अभियंता, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी एवं डीएमएफटी की टीम उपस्थित थी.
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