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सरला बिरला विश्वविद्यालय में ‘सुकून 2026’ का आयोजन, बताए गए तनाव से निपटने के उपाय

Ranchi News: उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे दूसरों की देखा-देखी करियर चुनने के बजाय अपनी रुचि, क्षमता और खूबियों को पहचानें. लगातार प्रयास करने, नई चीजें सीखने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने से आत्मविश्वास बढ़ता है. उन्होंने कहा कि करियर की दिशा तय करते समय मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है. तनाव के समय परिवार, दोस्तों और शिक्षकों का सहयोग काफी मददगार हो सकता है.
 
सरला बिरला स्कूल

Ranchi News: सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू), रांची में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के मेंटल हेल्थ क्लब की ओर से ‘सुकून 2026’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और करियर से जुड़े तनाव से निपटने के तरीके बताना था.

 

कार्यक्रम में विशेषज्ञ तनुश्री सेनगुप्ता ने ‘करियर तनाव का प्रबंधन: स्पष्टता, आत्मविश्वास और सही दिशा की तलाश’ विषय पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों में भविष्य की चिंता, परिवार और समाज की अपेक्षाओं का दबाव और दूसरों से अपनी तुलना करने की आदत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती है. इससे सही निर्णय लेने में भी परेशानी हो सकती है.

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उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे दूसरों की देखा-देखी करियर चुनने के बजाय अपनी रुचि, क्षमता और खूबियों को पहचानें. लगातार प्रयास करने, नई चीजें सीखने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने से आत्मविश्वास बढ़ता है. उन्होंने कहा कि करियर की दिशा तय करते समय मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है. तनाव के समय परिवार, दोस्तों और शिक्षकों का सहयोग काफी मददगार हो सकता है.

 

कार्यक्रम में मानसिक तनाव और उससे निपटने के तरीकों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया. इसके अलावा विद्यार्थियों के तनाव को कम करने और मन को शांत रखने के लिए मंडला आर्ट गतिविधि भी आयोजित की गई. इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच रखने और भविष्य को लेकर स्पष्ट नजरिया विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया.

 

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए. इसका समन्वय डॉ. प्रियंका पांडेय ने किया. आयोजन को सफल बनाने में डॉ. नेहा नूपुर, अनुषा लाल, अंजना सिंह, डॉ. मुकेश सिंह और डॉ. गगनदीप चड्ढा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

 

विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन और राज्यसभा सांसद सह निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता जताई.

 

विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें तनावमुक्त व सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है.

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