New Delhi : पश्चिम बंगाल में जारी वोटर लिस्ट के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के क्रम में आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की आपत्तियों को नकार दिया.
दरअसल वोटर लिस्ट से निकाले गये लाखों लोगों के दावों और आपत्तियों के मामलों की जांच के लिए चुनाव आयोग अपीलेट ट्रिब्यूनल को प्रशिक्षण दे रहा है. इसका टीएमसी विरोध कर रही है.
STORY | SIR in West Bengal: 47 lakh objections resolved; SC sets Apr 7 deadline for completion
— Press Trust of India (@PTI_News) April 1, 2026
The Supreme Court on Wednesday expressed optimism over the progress of the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls in West Bengal, noting that approximately 47.4 lakh… pic.twitter.com/wbrK0iKh5j
चुनाव आयोग के वकील दामा सेशाद्री नायडू ने सीजेआई को जानकारी दी कि आज ट्रेनिंग दी जा रही है. कल से ट्रिब्यूनल का काम शुरू हो सकता है. इसका टीएमसी के एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने विरोध जताया.
दलील दी कि अपीलेट ट्रिब्यूनल अर्ध न्यायिक निकाय है, उसको ट्रेनिंग देने की क्या आवश्यकता है.कल्याण बनर्जी की आपत्ति पर सीजेआई सूर्यकांत बरस पड़े. सवाल किया कि अगर चुनाव उन्हें काम की प्रकृति की जानकारी नहीं देगा तो कौन देगा.
सीजेआई ने कहा कि हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस ट्रिब्यूनल में होंगे. कल्याण बनर्जी से कहा कि क्या आपको लगता है कि वह प्रभावित होंगे,जान लें कि वोटर लिस्ट से काटे गये बाहर लोगों के नाम को दावों और आपत्तियों की जांच डिस्ट्रिक्ट और सेशन कोर्ट के जज कर रहे हैं.
कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि निष्पक्ष तरीके से SIR का काम कर रहे जजों को परेशान किया जा रहा है. इसके अलावा कल्याण बनर्जी ने बड़ी संख्या में नये मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 जमा होने का मामला कोर्ट के समक्ष रखा.
आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति हजारों फॉर्म जमा करवा रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि वह SIR पर सुनवाई कर रहा है. नये मतदाताओं के मसले को लेकर उचित फोरम पर आपत्ति रख सकते हैं.
मामला यह है कि ममता बनर्जी, टीएमसी समेत अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं. 28 फरवरी को जारी फाइनल लिस्ट में लगभग 50 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किये गये है इन्हीं लोगों के दस्तावेजों की जांच चल रही है.
पिछली सुनवाई में ममता बनर्जी के वकील ने कोर्ट से आग्रह किया था कि 6 अप्रैल को नामांकन की अंतिम तिथि है, उससे पूर्व लिस्ट ठीक कर दी जाये. क्योंकि नामांकन के बाद वोटर लिस्ट में बदलाव संभव नहीं है.
सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ताओं की चिंता को लेकर कहा कि हमें कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की रिपोर्ट मिली है. उसमें कहा गया है कि सुचारू तरीके से काम जारी है.
हर दिन 1,75,000 से 2 लाख तक दावों का निपटारा हो रहा है. लगभग 47 लाख का निपटारा हो चुका है. 7 अप्रैल तक सभी दावों का काम निबटारा हो जाने की संभावना है.
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