के सभी सरकारी और निजी स्कूल 7 जनवरी तक रहेंगे बंद, DM ने जारी किया आदेश
7 दिसंबर को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था
बता दें कि 7 दिसंबर को इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है. फैसला सुनाने वाली बेंच में जस्टिस अब्दुल नजीर, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस ए.एस. बोपन्ना, जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यन, और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना शामिल हैं. इससे पहले कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए केंद्र और आरबीआई से नोटबंदी से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने को कहा था. जिसे सीलबंद लिफाफे में जमा किया गया था.नोटबंदी में भारी खामियां थीं और इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि नोटबंदी में भारी खामियां थीं और इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए. इस प्रक्रिया ने देश के कानून के शासन का मजाक बना दिया. केवल आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर ही सरकार नोटबंदी कर सकती है. लेकिन यहां प्रक्रिया को ही उलट दिया गया. केंद्र ने फैसला लेने के दौरान अहम दस्तावेजों को रोक दिया, जिसमें सरकार द्वारा आरबीआई को 7 नवंबर को लिखा गया पत्र और आरबीआई बोर्ड की बैठक के मिनट्स शामिल हैं. इसे भी पढ़ें - पटना">https://lagatar.in/all-government-and-private-schools-in-patna-will-remain-closed-till-january-7-dm-issued-order/">पटनाके सभी सरकारी और निजी स्कूल 7 जनवरी तक रहेंगे बंद, DM ने जारी किया आदेश
केंद्र सरकार ने नोटबंदी को एक अहम फैसला बताया था
वहीं केंद्र ने याचिकाओं के जवाब में सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि जाली नोटों, बेहिसाब धन और आतंकवाद जैसी गतिविधियों से लड़ने के लिए नोटबंदी एक अहम कदम था. नोटबंदी को अन्य सभी संबंधित आर्थिक नीतिगत उपायों से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए. नोटबंदी ने नकली करंसी को सिस्टम से काफी हद तक बाहर कर दिया. नोटबंदी से डिजिटल अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा है. इसे भी पढ़ें - मेक्सिको">https://lagatar.in/mexico-unidentified-gunmen-attack-prison-in-juarez-14-killed-more-than-13-injured/">मेक्सिको: जुआरेज में अज्ञात बंदूकधारियों ने जेल पर किया हमला, 14 की मौत, 13 से अधिक लोग घायल [wpse_comments_template]

Leave a Comment