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सुप्रियो भट्टाचार्य का केंद्र पर हमला, वैश्विक संकट व चुनावी रणनीति पर उठाए सवाल

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति, वैश्विक संकट और चुनावी राजनीति को लेकर कई सवाल उठाए.
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Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति, वैश्विक संकट और चुनावी राजनीति को लेकर कई सवाल उठाए. वैश्विक संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि 24 दिनों तक जारी हालात के बाद प्रधानमंत्री ने लोकसभा में संबोधन दिया, लेकिन देश को स्पष्ट जानकारी नहीं मिली. 

 

उन्होंने कहा कि लोग जानना चाहते थे कि इस संकट में भारत की स्थिति क्या है और ऊर्जा, पेट्रोलियम, खाद और विदेशों में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार की क्या योजना है. उनके अनुसार, प्रधानमंत्री पर दबाव साफ दिख रहा था और युद्ध की निंदा करने में देरी हुई. ईरान से भारतीय छात्रों की वापसी पर भी उन्होंने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वहां पहले ही शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे, ऐसे में इसे बड़ी उपलब्धि नहीं बताया जा सकता. 

 

उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान, रियाद, दुबई और मस्कट से सीधी उड़ानें बंद हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि केवल चिंता जताने से काम नहीं चलेगा, ठोस कदम उठाने होंगे. साथ ही उन्होंने इजराइल और अमेरिका की निंदा नहीं करने पर भी सवाल उठाया.

 

आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में संसाधनों की कमी दिख रही है. होटल और रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं और मेस बंद होने से छात्र पढ़ाई छोड़कर घर लौट रहे हैं. उन्होंने एथेनॉल और बायोगैस जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा और पूछा कि अगर पर्याप्त खाद उपलब्ध है तो संकट क्यों है.

 

सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि अगर यह स्थिति अगले 30 दिनों तक जारी रहती है तो देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि केवल बड़े दावे करने से काम नहीं चलेगा, जनता को सच्चाई बतानी जरूरी है.

 

चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि असम में झामुमो ने 21 सीटों पर नामांकन किया है और वहां भाजपा और कांग्रेस दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ा जाएगा. झारखंड में गठबंधन मजबूत है और चुनाव तक बना रहेगा. बंगाल में चुनाव नहीं लड़ने के फैसले को उन्होंने रणनीतिक बताया.

 

उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि जिन सीटों पर झामुमो चुनाव लड़ रही है, वहां उम्मीदवार न उतारे, हालांकि यह भी कहा कि कांग्रेस अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है. अंत में उन्होंने भाजपा की बी टीम कहे जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी केवल अपने विस्तार पर काम कर रही है. 

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