Palamu News: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर बुधवार को बोर्ड ऑफ विजिटर और डालसा की संयुक्त टीम ने केंद्रीय कारा मेदिनीनगर का औचक निरीक्षण किया. प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली.
निरीक्षण टीम में जिला पंचायती राज पदाधिकारी दानवीर लकड़ा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश यादव, डालसा सचिव सौरभ कुमार गौतम, व्यवहार न्यायालय के निबंधक कमल प्रकाश, लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभ चंद सिंह और डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय समेत अन्य अधिकारी शामिल थे.
टीम ने केंद्रीय कारा के बैरक, महिला वार्ड, मुलाकाती सहायता केंद्र, मेडिकल वार्ड, किचन, स्टोर रूम, पुस्तकालय, प्रिंटिंग प्रेस और कपड़ा बुनाई केंद्र समेत विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया. इस दौरान बंदियों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली गई.
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अधिकारियों ने बंदियों से उनके मुकदमों की स्थिति और पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध होने के बारे में भी जानकारी ली. प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार मिश्रा ने कहा कि कोई भी बंदी बिना अधिवक्ता के नहीं रहना चाहिए. डालसा के माध्यम से जरूरतमंद बंदियों को नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बंदियों से कहा कि किसी तरह की समस्या होने पर जेल पीएलवी के माध्यम से अपनी शिकायत डालसा तक पहुंचा सकते हैं.
निरीक्षण के दौरान जेल में बंदियों को सरकार द्वारा निर्धारित मानक मेन्यु के अनुसार भोजन दिए जाने की भी जांच की गई. टीम ने जेल की साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, जिन्हें संतोषजनक पाया गया. अधिकारियों ने यह भी देखा कि बंदियों के साथ किसी तरह का भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है और किसी बंदी द्वारा दूसरे बंदी को डराने-धमकाने की शिकायत तो नहीं है.
पुस्तकालय में पठन-पाठन की किताबों और संगीत वाद्ययंत्रों की स्थिति भी टीम ने देखी. अधिकारियों ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
महिला वार्ड में बच्चों को बांटे बिस्किट और टॉफी
निरीक्षण के दौरान टीम ने महिला वार्ड में बंद महिला कैदियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली. बोर्ड ऑफ विजिटर की टीम ने महिला बंदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों को बिस्किट और टॉफी भी दी.
इसी दौरान करीब चार साल के एक बच्चे ने जांच टीम के सामने कविता और अंग्रेजी अल्फाबेट सुनाया, जिसे देखकर वहां मौजूद अधिकारी और अन्य लोग काफी प्रभावित हुए.
इस मौके पर काराधीक्षक प्रभात कुमार, कारापाल देवनाथ राम, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के असिस्टेंट वीर विक्रम वक्स राय, पुष्कर राज, डालसा असिस्टेंट संजीव कुमार सिंह, पीएलवी आलोक केरकेटा और नीरज सिंह समेत अन्य कर्मी मौजूद थे.
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