Ranchi : स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में रांची को साफ-सुथरा और देश के टॉप शहरों में लाने के लिए रांची नगर निगम लगातार काम कर रहा है. इसी क्रम में नगर निगम ने स्कूलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक अहम कदम उठाया है.
आज रांची नगर निगम में अपर प्रशासक संजय कुमार की अध्यक्षता में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई.
बैठक में अपर प्रशासक ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में स्कूलों की भूमिका बहुत जरूरी है. बच्चों को अगर बचपन से ही साफ-सफाई की आदत लगाई जाए, तो पूरा शहर साफ रह सकता है. बच्चों के जरिए यह संदेश घर-घर तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों में साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जाएगा. स्कूलों में स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम होंगे और बच्चों को कचरा सही तरीके से फेंकने की जानकारी दी जाएगी. रांची को गार्बेज फ्री सिटी बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के नियमों और मापदंडों की भी जानकारी दी गई.
अपर प्रशासक ने स्कूलों से कहा कि—
स्कूलों में बच्चों के लिए स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम कराएं.
स्कूल परिसर हमेशा साफ रखें और हरा-नीला डस्टबिन लगाएं.
हर कक्षा में कूड़ेदान रखें और समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करें.
सभी स्कूलों में इको क्लब बनाएं, ताकि बच्चे स्वच्छता अभियान से जुड़ें.
कचरे से उपयोगी चीजें बनाने (वेस्ट टू वेल्थ) पर काम करें.
सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने के लिए लोगों को जागरूक करें.
स्कूलों में सैनिटरी पैड निस्तारण की व्यवस्था करें.
शौचालयों की रोज सफाई करें और नालियों को खुला न छोड़ें.
खाद बनाने (कम्पोस्ट) को बढ़ावा दें.
अपर प्रशासक ने कहा कि जब तक हर कोई इस अभियान में साथ नहीं देगा, तब तक रांची को स्वच्छ सर्वेक्षण में अच्छी रैंक नहीं मिल सकती.
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