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सिविल निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सख्त रुख, दोषी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश

राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन की अध्यक्षता में आज समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित सिविल निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक हुई
 

Ranchi : राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन की अध्यक्षता में आज समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित सिविल निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में राज्य के सभी जिलों के सहायक अभियंता (AE) एवं कनीय अभियंता (JE) शामिल हुए. समीक्षा का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए स्वीकृत योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का गहन मूल्यांकन करना था.

 

बैठक के दौरान राज्य परियोजना निदेशक ने कार्य में शिथिलता बरतने वाली एजेंसियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों और एजेंसियों को कार्यादेश मिलने के बावजूद निर्माण कार्य की गति संतोषजनक नहीं है, उनके विरुद्ध तत्काल ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए. 

 

शशि रंजन ने स्पष्ट किया कि सरकारी संसाधनों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है.उन्होंने सभी अभियंताओं को अपने-अपने जिलों में ठेकेदारों और कार्यदायी एजेंसियों के साथ नियमित बैठक कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने और समय पर उपयोगिता प्रतिवेदन राज्य मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया. 

 

उन्होंने चेतावनी दी कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.विद्यालयों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बाउंड्री वॉल निर्माण में आ रही स्थानीय बाधाओं पर भी निदेशक ने त्वरित संज्ञान लिया. उन्होंने अभियंताओं को निर्देशित किया कि स्थानीय प्रशासन और समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर विवादों का समाधान करें और निर्माण कार्य बिना देरी के प्रारंभ कराएं.


अंत में शशि रंजन ने सभी अभियंताओं को मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाने चाहिए.

 

 


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