Jamtara: ट्यूशन पढ़ने आने वाली छात्रा के साथ दुष्कर्म एवं शादी का झांसा देकर लगातार यौन शोषण करने के मामले में आरोपी शिक्षक अभिषेक कुमार ओझा को अदालत ने दोषी ठहराया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने दोषी शिक्षक को 12 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. जुर्माना नहीं भरने पर उसे तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
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न्यायालय ने 25 जून को आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत दोषी करार दिया था तथा सजा के निर्धारण के लिए 29 जून की तिथि निर्धारित की थी. सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सजा का आदेश पारित किया. फैसले के बाद पुलिस ने दोषी को न्यायिक हिरासत में लेकर मंडल कारा भेज दिया.
अभियोजन के अनुसार, मामला मिहिजाम थाना कांड संख्या 61/2025 से संबंधित है. पीड़िता आरोपी के पास ट्यूशन पढ़ने जाती थी. आरोप है कि फरवरी 2020 में आरोपी शिक्षक ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया. सामाजिक बदनामी और भय के कारण पीड़िता ने तत्काल इसकी जानकारी किसी को नहीं दी. इसके बाद आरोपी ने शादी का झांसा देकर लगातार उसका यौन शोषण किया. जब पीड़िता ने विवाह करने की बात कही तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया. इसके बाद पीड़िता ने 27 जुलाई 2025 को मिहिजाम थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई.
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सोनी कुमारी ने प्रभावी पैरवी की. अभियोजन ने अपने पक्ष के समर्थन में कुल आठ गवाहों का परीक्षण कराया. गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 12 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई.
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