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बिहार बेरोजगारी-पलायन का बना गढ़, प्रति व्यक्ति आय युगांडा-रवांडा से भी कम : तेजस्वी

  • बिहार आज भी बेरोजगारी, पलायन व गरीबी का है मुख्य केंद्र
  • तेजस्वी ने नीतीश-मोदी से पूछे 12 सवाल
  • बिहार की प्रति व्यक्ति आय युगांडा और रवांडा से कम
  • 8 करोड़ युवाओं के सीने में धधक रहे ज्वलंत सवालों पर मुंह ना छिपाए

Patna :  बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर कर बिहार की नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. 

 

 

 बिहार आज भी बेरोजगारी, पलायन व गरीबी का है मुख्य केंद्र

तेजस्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र की मोदी सरकार से 12 सवाल पूछे हैं और राज्य की दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर एनडीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने लिखा कि 20 वर्षों से बिहार और 11 वर्षों से केंद्र में एनडीए की सरकार रहने के बावजूद बिहार आज भी बेरोजगारी, पलायन और गरीबी का मुख्य केंद्र बना हुआ है.

 

इस दौर में भी बिहार की प्रति व्यक्ति आय युगांडा और रवांडा से कम

यह हम नहीं, बल्कि भारत सरकार की नीति आयोग की रिपोर्ट कह रही है. उन्होंने आगे कहा कि तकनीकी क्रांति, वैश्वीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में भी बिहार की प्रति व्यक्ति आय अफ्रीका के गरीब देशों युगांडा और रवांडा से भी कम है, जो बेहद चिंताजनक है. 

 

तेजस्वी यादव के 12 तीखे सवाल :

खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की कमी :  बिहार में केला, मखाना, गन्ना, लीची, आम जैसी फसलों का जबरदस्त उत्पादन होता है, फिर भी 20 वर्षों में इनसे जुड़े उद्योग क्यों नहीं लगाए गए.

आईटी और SEZ का सवाल : बिहार में बेरोजगारी क्यों चरम पर है. राज्य में आईटी कंपनियां, आईटी पार्क या SEZs क्यों नहीं आए.

मत्स्य उद्योग की उपेक्षा : संसाधनों की भरमार के बावजूद बिहार आज भी मछली दूसरे राज्यों से क्यों खरीदता है. 

डेयरी उत्पादों का प्रश्न : बिहार में दूध, घी, पनीर जैसे डेयरी उत्पादों पर आधारित बड़े उद्योग क्यों नहीं स्थापित किए जा सकते?

उद्योग-विशिष्ट क्लस्टर की अनुपस्थिति : इंडस्ट्री स्पेसिफिक क्लस्टर अब तक क्यों नहीं बन पाए.

बुनकर और लघु उद्योग की अनदेखी : एनडीए सरकार ने बुनकर, हथकरघा और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए.

पर्यटन का विकास नहीं : ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से समृद्ध राज्य को पर्यटन केंद्र क्यों नहीं बनाया गया.

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव : नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया अब तक नियमित और पारदर्शी क्यों नहीं हो सकी?

बढ़ता पलायन : पिछले 20 वर्षों में बिहार से कुल कितना पलायन हुआ और वह किस वजह से हुआ.

बंद होते उद्योग : पहले से चालू चीनी, जूट और पेपर मिलों में से कितने बंद हुए और उससे राज्य को कितना नुकसान हुआ.

शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च बाहर क्यों :  बिहार के लोगों द्वारा अन्य राज्यों में शिक्षा और चिकित्सा पर कुल कितना पैसा खर्च किया गया.

मानव संसाधन का उपयोग : बिहार के कितने प्रतिशत मानव संसाधन का उपयोग राज्य में हो रहा है और कितना बाहर. 

 

8 करोड़ युवाओं के सीने में धधक रहे ज्वलंत सवालों पर मुंह ना छिपाए 

तेजस्वी ने 12 सवाल पूछने के बाद आगे लिखा कि बिहार के 8 करोड़ युवा इन सवालों का जवाब चाहते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन सवालों से भागना नहीं चाहिए. अगर वे जवाब नहीं देंगे, तो बिहार का युवा इस चुनाव में उन्हें करारा जवाब देगा.

 

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