- वीरेंद्र राम के अकाउंटेंट रहे हैं आरोपी मुकेश मित्तल
- काले धन को सफेद बनाकर वीरेंद्र राम के परिवारिक सदस्यों के खाते में जमा कराया था
Ranchi : टेंडर कमीशन घोटाले में चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के अकाउंटेंट रहे आरोपी मुकेश मित्तल को पीएमएलए की विशेष कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने मुकेश मित्तल को सशरीर उपस्थिति से छूट दे दी है. मुकेश मित्तल ने सीआरपीसी की धारा 205 के तहत याचिका दाखिल कर हर तारीख पर कोर्ट में सशरीर उपस्थिति से छूट देने का आग्रह किया था.
बता दें कि ईडी की जांच में पता चला था कि वीरेंद्र राम कालेधन को अकाउंटेंट मुकेश मित्तल को देता था. फिर वह उस काले धन को सफेद करने का काम करता था और वीरेंद्र राम के परिवारिक सदस्यों के खाते में जमा करवाता था.
टेंडर कमीशन घोटाला मामले में ईडी ने 21 फरवरी 2023 को 24 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इसके बाद 22 फरवरी 2023 को ईडी ने वीरेंद्र राम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. करीब 21 माह जेल में रहने के बाद वीरेंद्र राम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली. मामले में वीरेंद्र राम की पत्नी एवं भाई को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.
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