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जगन्नाथपुर मेला का टेंडर 2 करोड़ से ऊपर में हुआ, महंगे होंगे झूले व स्टॉल

राजधानी में 16 जुलाई को ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा और 10 दिवसीय रथ मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. मेले में लगने वाली दुकानों के आवंटन के लिए सोमवार को जगन्नाथपुर थाना परिसर में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई. इस बार मेले के संचालन का टेंडर पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर निवासी राजेश चंद्रा की फर्म आरएस इंटरप्राइजेज ने 2 करोड़ 27 लाख 21 हजार 112 रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर हासिल किया.
 

Ranchi: राजधानी में 16 जुलाई को ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा और 10 दिवसीय रथ मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. मेले में लगने वाली दुकानों के आवंटन के लिए सोमवार को जगन्नाथपुर थाना परिसर में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई. इस बार मेले के संचालन का टेंडर पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर निवासी राजेश चंद्रा की फर्म आरएस इंटरप्राइजेज ने 2 करोड़ 27 लाख 21 हजार 112 रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर हासिल किया. पिछले तीन वर्षों की तुलना में यह अब तक का सबसे महंगा टेंडर है, जिससे मेले में लगने वाले स्टॉल और दुकानों के किराए में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है.

 

टेंडर की शर्तों के अनुसार, सफल बोलीदाता को तीन दिनों के भीतर कुल राशि का 50 प्रतिशत यानी करीब 1.13 करोड़ रुपये जमा करना होगा. शेष राशि के लिए बैंक गारंटी 25 जुलाई तक जमा करना अनिवार्य होगा. टेंडर में भाग लेने वाले सभी आवेदकों के लिए 2.10 लाख रुपये का बैंक ड्राफ्ट और केंद्र या राज्य सरकार से पंजीकृत मेला वेंडर होना जरूरी है.

 

जगन्नाथपुर मेले के टेंडर रकम के बढ़ने से साफ तौर पर मेले में दुकान लगाने वाले पर किराया का दर बढ़ जाएगा जिससे ना चाहते हुए भी मेले में आए हुए, झूला कंपनी, फूड स्टॉल, बर्तन की दुकान, पार्किंग, और जितने भी स्टॉल रहेंगे वह सब मेले में आए हुए लोगों से उच्चतम दाम वसूल लेंगे. इस साल आयोजित होने जा रहा जगन्नाथपुर मेला अब तक का सबसे महंगा है.


अगर साल 2024 की बात करें तो ऐसे कई सारे दुकानदार थे, जो ज्यादा रकम होने की वजह से जगन्नाथपुर में आने के बावजूद दुकान लगाने में असफल हो गए थे और रातु में होने वाले जगन्नाथपुर मेला में अपनी दुकान लगाए थे. आने वाले दिनों में कहीं ना कहीं फिर से वही तस्वीर देखने को मिले सकती है क्योंकि इस बार टेंडर की कीमत 2 करोड़ से ऊपर चली गई है.

 

पिछले चार वर्षों का मेला बजट

2023: बेस प्राइस 31 लाख रुपये, सफल बोली 75 लाख रुपये.
2024: बेस प्राइस 31 लाख रुपये, सफल बोली 1.92 करोड़ रुपये.
2025: बेस प्राइस 31 लाख रुपये, सफल बोली 51.51 लाख रुपये.
2026: बेस प्राइस 1.05 करोड़ रुपये, सफल बोली 2 करोड़ 27 लाख 21 हजार 112 रुपये.

 

टेंडर प्रक्रिया एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय, जगन्नाथ मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव, मंदिर सचिव प्रसन्न कुमार, विनोद कुमार और आवासीय पदाधिकारी स्मृति कुमारी की मौजूदगी में संपन्न हुई. वहीं मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा वर्जन सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है.

 

इस साल जिला प्रशासन ने मेला टेंडर की न्यूनतम आरक्षित राशि 1 करोड़ 5 लाख रुपये निर्धारित की थी. सफल एजेंसी अब मेले में स्टॉलों के किराए की सूची जारी करेगी. साथ ही उसे उप-विक्रेताओं को अधिकृत करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति, झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों के संचालन व सभी सरकारी मानकों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी.

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