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टेरर फंडिंग मामला : 14 आरोपी दोषी करार, 18 अगस्त को सजा के बिंदु पर सुनवाई

चतरा के टंडवा स्थित मगध व आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में NIA की विशेष अदालत में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मामले में ट्रायल फेस कर रहे 14 आरोपियों को दोषी ठहराया है.
 
सिविल कोर्ट रांची

Ranchi : चतरा के टंडवा स्थित मगध व आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में NIA की विशेष अदालत में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मामले में ट्रायल फेस कर रहे 14 आरोपियों को दोषी ठहराया है.

 

इनकी सजा के बिंदु पर कोर्ट 18 अगस्त को सुनवाई करेगी. कोर्ट ने मामले में आम्रपाली परियोजना के सीसीएल के GM अजीत कुमार ठाकुर को रिहा कर दिया. वहीं एक आरोपी आक्रमण जी का मामला अलग से चल रहा है.

 

जिन आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, उनमें विनोद गंझू, मुनेश गंझू, बिरबल गंझू, बिंदु गंझू, कोहराम, सुभान मियां, संजय जैन, प्रेम विकास, मुकेश गंझू, भीखन गंझू, गोपाल सिंह भोक्ता, और अनिश्चय गंझू का नाम शामिल है. ये सभी टीपीसी के उग्रवादी थे या उसके लिए लेवी वसूली के काम में लगे थे.

 

 
बता दें कि टेरर फंडिंग से जुड़े केस में रांची की एनआईए की विशेष अदालत में ट्रायल चल रहा था. एनआईए ने टंडवा थाना में दर्ज कांड संख्या 2/2016  को 13 फरवरी 2018 को टेकओवर किया था. अनुसंधान के बाद एनआइए ने मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जो ट्रायल फेस कर रहे थे.  

 

टीपीसी को फंड देने की हुई है पुष्टि

एनआइए ने जांच के दौरान यह पाया है कि सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी व शांति समिति के बीच समन्वय से टेरर फंडिंग हो रही थी. तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) को फंड देने की पुष्टि हुई है. टीपीसी को लेवी देने के लिए ही उसने ऊंची दर पर मगध और आम्रपाली प्रोजेक्ट से कोयला ढुलाई का ठेका लिया था.

 

 

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