Ranchi : रोहतास (बिहार) जिले में स्थित रोहतासगढ़ किला आदिवासी समाज की प्राचीन धरोहर है. 1 फरवरी से 20वां रोहतासगढ़ तीर्थ महोत्सव शुरू होगा. इसमें देश भर से करीब 5,000 तीर्थ यात्री शामिल होंगे. जहां महादेव-पार्वती एवं करम देवता की पूजा-पाठ की जाएगी.
रोहतासगढ़ को विश्वविख्यात पर्यटन स्थल बनाने की मांग
मुखिया संघ अध्यक्ष सोमा उरांव ने कहा कि रोहतासगढ़ को पर्यटन स्थल बनाया जाए. क्योंकि यह रोहतासगढ़ केवल राष्ट्रीय स्मारक नहीं, बल्कि जनजातीय अस्मिता का प्रतीक है. इस किले का संरक्षण-संवर्द्धन जरूरी है.
जनजातीय समाज महादेव को अपना बड़ा देवता और माता पार्वती को देवी के रूप में पूजा करते है. आज भी वहां महादेव-पार्वती का प्राचीन मंदिर है. करम वृक्ष भी विद्यमान है. जहां आज भी आदिवासी समाज आस्था से पूजा करते है.
मौके पर संदीप उरांव, मेघा उरांव, सोमा उरांव, अंजली लकड़ा, सन्नी टोप्पो, हिन्दुवा उरांव, जगरनाथ भगत, आरती कुजूर, साजन मुंडा, कैलाश मंडा, बिसू उरांव, प्रदीप लकड़ा, नकुल तिर्की, दुर्गा उरांव, प्रदीप टोप्पो समेत अन्य शामिल थे.
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