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भाजपा धर्म को राजनीतिक हथियार बना मूल मुद्दों से जनता को भटका रही: सोनाल

प्रदेश कांग्रेस कमिटी की प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा है कि आध्यात्मिक ऊर्जा भारतीय संस्कृति का मूल स्रोत है और देश की हर तीर्थस्थली इस ऊर्जा का प्रमुख केंद्र रही है.
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Ranchi : प्रदेश कांग्रेस कमिटी की प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा है कि आध्यात्मिक ऊर्जा भारतीय संस्कृति का मूल स्रोत है और देश की हर तीर्थस्थली इस ऊर्जा का प्रमुख केंद्र रही है. 

 

इसी आध्यात्मिक आधार ने पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक भारत को एकता के सूत्र में पिरोकर रखा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसी मूल भावना को खंडित करना चाहती है और सनातन धर्म व अध्यात्म को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है.

 

सोनाल शांति ने कहा कि जब भी देश में कहीं चुनाव आता है, भाजपा की धर्म की दुकान खुल जाती है. जनता के सामने धर्म को रखकर विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास किया जाता है.

 

उन्होंने कहा कि भारत का स्वाभिमान हमेशा ऊंचा रहा है और आज भी पूरी दुनिया भारत को हर मुद्दे पर मजबूती के साथ खड़ा देखती है. ऐसे में स्वाभिमान जगाने का दावा केवल एक राजनीतिक नारा है.

 

उन्होंने कहा कि आज देश को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेज प्रगति की जरूरत है. तकनीक के इस दौर में भारत को वैश्विक स्तर पर विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होना है.

 

80 करोड़ लोग 5 किलो राशन पर निर्भर हैं और उन्हें इस बुरे दौर से निकालने की आवश्यकता है, लेकिन भाजपा जनता के सामने धर्म की अफीम परोस रही है. युवाओं को धार्मिक मुद्दों में उलझाया जा रहा है और उनकी भावनाएं भड़काई जा रही हैं ताकि राजनीतिक एजेंडे पूरे किए जा सकें.

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज का युवा वर्ग जागरूक है और हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखता है. अपने धर्म, सभ्यता, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को देश के हर धर्म का युवा अच्छी तरह समझता है.

 

समाज और धर्म को समझने के लिए युवाओं को भाजपा जैसे दलों से सीखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह समझ उन्हें अपनी पारिवारिक विरासत से ही मिलती है.

 

सोनाल शांति ने भाजपा शासनकाल में मणिपुर की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सैकड़ों युवाओं के हाथों में हथियार हैं और राज्य वर्षों से अराजकता झेल रहा है. हजारों हत्याएं हो चुकी हैं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन इन गंभीर मुद्दों पर भाजपा नेताओं के पास ध्यान देने का समय नहीं है.

 

उन्होंने कहा कि देश का युवा शांति चाहता है, हाथों में हथियार नहीं. वह रोजगार चाहता है, बेरोजगारी की तलवार नहीं. भाजपा को युवाओं की जरूरतों और सोच को समझते हुए अपनी राजनीति करनी चाहिए, न कि धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करना चाहिए.

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