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नाइजर से अपहृत बगोदर के मजदूरों की सकुशल वापसी जनसंघर्षों की बड़ी जीत : भाकपा माले

  • प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाने की मांग

Ranchi : नाइजर से अपहृत बगोदर के प्रवासी मजदूरों की आठ माह बाद सकुशल भारत वापसी को भाकपा माले झारखंड राज्य कमिटी ने जनसंघर्षों की बड़ी जीत बताया है.

 

पार्टी ने बगोदर निवासी संजय महतो, उत्तम महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और चन्द्रिका महतो के सुरक्षित लौटने पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए राहत और सुकून की खबर कहा है.

 

भाकपा माले ने अपहृत मजदूरों और उनके परिजनों को बधाई दी है तथा उनकी रिहाई और वापसी के लिए प्रयासरत सभी पक्षों का आभार जताया है.

 

भाकपा माले राज्य कमिटी ने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को पार्टी के विधायक अरुप चटर्जी और माले सांसद सुदामा प्रसाद ने विधानसभा से लेकर संसद तक लगातार मजबूती से उठाया.

 

कमिटी के अनुसार, भाकपा माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने शुरुआत से ही रिहाई आंदोलन को संगठित किया और सरकारों पर दबाव बनाने की प्रभावी रणनीति तैयार की. आंदोलन की निरंतरता और जनदबाव के कारण ही अंततः मजदूरों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी.

 

पार्टी ने बताया कि बगोदर–गिरिडीह क्षेत्र की जनता ने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. भाकपा माले, ऐपवा और आरवाईए के बैनर तले लगातार सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक दबाव बनाया गया, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया.

 

भाकपा माले ने इस अवसर पर भारत सरकार से विदेशों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग की है.

 

पार्टी का कहना है कि रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले मजदूरों की सुरक्षा, बीमा, आपातकालीन सहायता और त्वरित कूटनीतिक हस्तक्षेप सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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