Search

सौ साल पुराना चिटीमिटी चैत्र मेला शुरू, आस्था व परंपरा का अनोखा संगम

Chaibasa (Sukesh kumar): तांतनगर प्रखंड अंतर्गत स्थानीय लोक संस्कृति व आस्था का प्रतीक चिटीमिटी चैत्र संक्रांति मेले को लेकर बाजार दुकान सज गया है. मेले का आयोजन 14 व 15 अप्रैल को चिटीमिटी गांव में रहा है. मेले में तरह तरह की दुकानें, झूले, मनोरंजन के साधन, डांस-ड्रामा शो, हड़िया दुकान, साज-श्रृंगार, कॉस्मेटिक्स आदि की दुकानें लग गई हैं. 

 

स्थानीय निवासी के मुताबिक, इस वार्षिक मेले की शुरुआत सौ साल पहले हुई थी. 1913 में फूलचंद राम नाम के एक व्यक्ति ने मेला प्रारंभ किया था. इसके बाद उनके बेटे विधायक कैलाश राम व शिव प्रसाद राम ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया. इस मेले का सबसे बड़ा आकर्षण है भक्तों द्वारा पीठ की चमड़ी में हुक फंसाकर कई बैलगाड़ियों को एक साथ खींचना है. 

 


इसके अलावा भक्त जीभ व गाल में लोहे के तार आरपार करके हैरतअंगेज आस्था का प्रदर्शन करते हैं. मेले की शुरुआत शुभ घट तथा यात्रा घाट रिवाज से होती है. रात्रि में पारंपरिक छऊ नृत्य का आयोजन होता है जो रात का मुख्य आकर्षण होता है. मेले का समापन गोत्री पालट कार्यक्रम के साथ होता है. इस मेले को देखने के लिये तांतनगर के अलावे मंझारी, कुमारडुंगी, सदर, झींकपानी समेत पूरे जिलेभर से लोग आते हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//