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चैंबर ने की झारखंड में वन आधारित उद्योगों के लाइसेंस नवीकरण की अवधि बढ़ाने की मांग

Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) की फारेस्ट एंड टिम्बर उप समिति ने राज्य सरकार से झारखंड में संचालित काष्ठ आधारित उद्योगों के लाइसेंस नवीकरण की अवधि बढ़ाने की मांग की है. समिति का कहना है कि वर्तमान में वन विभाग द्वारा लाइसेंस का नवीकरण केवल एक कैलेंडर वर्ष के लिए किया जाता है, जिससे उद्योगों को हर वर्ष नवीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और समय व संसाधनों की अनावश्यक खपत होती है.
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झारखंड की खबरें

Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) की फारेस्ट एंड टिम्बर उप समिति ने राज्य सरकार से झारखंड में संचालित काष्ठ आधारित उद्योगों के लाइसेंस नवीकरण की अवधि बढ़ाने की मांग की है. समिति का कहना है कि वर्तमान में वन विभाग द्वारा लाइसेंस का नवीकरण केवल एक कैलेंडर वर्ष के लिए किया जाता है, जिससे उद्योगों को हर वर्ष नवीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और समय व संसाधनों की अनावश्यक खपत होती है.


समिति ने बताया कि भारत सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 11 नवंबर 2016 को जारी राजपत्र अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि काष्ठ आधारित उद्योगों के लाइसेंस अथवा उसके नवीकरण की वैधता पांच वर्षों की होगी. इसी के अनुरूप देश के कई राज्यों में पांच से दस वर्षों तक के लिए लाइसेंस का नवीकरण किया जा रहा है. महाराष्ट्र और पंजाब में 10 वर्ष, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में पांच वर्ष के लिए नवीकरण की व्यवस्था लागू है.


इसके विपरीत झारखंड में वन विभाग केवल एक वर्ष के लिए लाइसेंस का नवीकरण कर रहा है. समिति ने यह भी कहा कि राज्य के अन्य विभाग, जैसे कारखाना निरीक्षण विभाग, उद्योगों के लाइसेंस का नवीकरण 10 वर्षों के लिए कर रहे हैं. ऐसे में वन विभाग की एक वर्ष की व्यवस्था उद्योगों के लिए व्यावहारिक नहीं है.


फारेस्ट एंड टिम्बर उप समिति के चेयरमैन तेजविंदर सिंह ने राज्य सरकार एवं वन विभाग से आग्रह किया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और अन्य राज्यों की व्यवस्था के अनुरूप झारखंड में भी काष्ठ आधारित उद्योगों के लाइसेंस नवीकरण की अवधि कम-से-कम पांच वर्ष अथवा संभव हो तो 10 वर्ष की जाए. उनका कहना है कि इससे उद्योगों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी, प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी और राज्य में निवेश, उद्योगों के विकास तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा.


बैठक में चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, फारेस्ट एंड टिम्बर उप समिति के चेयरमैन तेजविंदर सिंह, स्वच्छ भारत एवं पौधरोपण उप समिति के चेयरमैन किशन अग्रवाल, प्रमोद कुमार अग्रवाल, प्रवीण कुमार अग्रवाल, महेंद्र सिंह, बिनोद पटेल, बीरेंद्र कुमार पटेल, नागेंद्र मौर्य, अतीक अहमद, शुभम अग्रवाल, सतेन्द्र शर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित थे.

 

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