Ranchi : राजधानी की सड़कों को लेकर नगर निगम भले ही चमकदार दावे करता हो, लेकिन शहर की गलियों और मोहल्लों की हकीकत कुछ और ही बयां करती है. पुलिस लाइन से लेकर कांके, हतमा से बड़ा तालाब और सिरमटोली से स्टेशन रोड तक कई इलाकों की सड़कों की हालत बेहद खराब है. जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और जलजमाव आम बात हो गई है.
हर गली में वही कहानी
आज एक ग्राउंड रिपोर्ट में पुलिस लाइन, कांके (रिलायंस मार्ट के पास), आदर्श नगर, बजरा टोली, कांके डैम रोड, हतमा, करमटोली, चुटिया, स्टेशन रोड, सुखदेव नगर रोड, बड़ा तालाब, लालजी हिरजी रोड, अपर बाजार, सिरमटोली और एस.एन. गांगुली रोड जैसे इलाकों का दौरा किया गया. नज़ारा हर जगह एक जैसा था- टूटी फूटी सड़कें, पानी से भरे गड्ढे और राहगीरों की परेशानी.
लोगों की नाराज़गी: टैक्स तो लेते हैं, सड़क क्यों नहीं बनती
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम ने मुख्य सड़कों की मरम्मत तो करवा दी, लेकिन अंदरूनी गलियों की पूरी तरह अनदेखी कर दी गई है. बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं.एक स्थानीय निवासी ने नाराज़गी जताते हुए कह -हर साल टैक्स लिया जाता है, लेकिन बदले में हमें न अच्छी सड़क मिलती है और न साफ-सफाई. बारिश में बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है.
दुर्घटनाओं और बीमारियों का डर
इन सड़कों के कारण दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं आम हो गई हैं. पैदल चलने वाले लोग भी चोटिल हो रहे हैं. बारिश के पानी से भरे गड्ढों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है.
नगर निगम की उदासीनता पर सवाल
नागर निगम ने कुछ समय पहले सड़क मरम्मत अभियान चलाया था, लेकिन मोहल्लों की गलियों पर शायद उनकी नज़र ही नहीं गई. शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब उनकी तकलीफ़ें सुनने वाला कोई आगे आएगा स्थानीय निवासियों की मांग है कि नगर निगम सिर्फ मुख्य मार्गों की मरम्मत कर अपनी पीठ थपथपाने के बजाय मोहल्लों की जर्जर सड़कों पर भी ध्यान दे, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
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