Ranchi : झारखंड में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण और ऑनलाइन अपलोड को लेकर झारखंड राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल ने एक अहम आदेश पारित किया है.
ट्रिब्यूनल ने वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल एवं डेटाबेस पर अपलोड करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय दिया है. अब यह प्रक्रिया 9 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी.
गुरुवार को कडरू स्थित झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मुमताज अली अहमद, सदस्य मोहम्मद फैजी एवं अधिवक्ता ए.के. रसिद ने ट्रिब्यूनल के आदेश की जानकारी दी.
151 में से 101 संपत्तियां अपलोड, 50 अब भी शेष
प्रतिनिधियों ने बताया कि झारखंड में कुल 151 सुन्नी वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से 101 संपत्तियां पहले ही उम्मीद पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं. हालांकि तकनीकी और सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण 50 संपत्तियां अब तक अपलोड नहीं हो सकी हैं. इसी को लेकर वक्फ बोर्ड ने ट्रिब्यूनल से अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायाधिकरण ने दो माह की राहत दी है.
तकनीकी बाधाओं को माना ट्रिब्यूनल ने
प्रतिनिधियों के अनुसार, सर्वर डाउन और अन्य तकनीकी कारणों से शेष संपत्तियों का अपलोड संभव नहीं हो पाया था. ट्रिब्यूनल ने आवेदक द्वारा प्रस्तुत व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से लेते हुए समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया.
मुतवल्लियों पर सख्ती, शपथ पत्र देना होगा
ट्रिब्यूनल ने सभी मुतवल्लियों को निर्देश दिया है कि वे शपथ पत्र दाखिल कर स्पष्ट करें कि उनके अधीन सभी वक्फ संपत्तियां पोर्टल पर अपलोड हुई हैं या नहीं. यदि कोई संपत्ति अपलोड नहीं हुई है तो उसके पीछे के ठोस कारण और आवश्यक अतिरिक्त समय का स्पष्ट उल्लेख करना होगा.
बिना मुतवल्ली वाली संपत्तियों पर विशेष नजर
जिन वक्फ संपत्तियों में मुतवल्ली नियुक्त नहीं हैं या जो अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं, ऐसे मामलों में वक्फ बोर्ड को स्वयं हस्तक्षेप कर सभी रजिस्टर्ड संपत्तियों का अपलोड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
टोल फ्री नंबर जारी, सहयोग की अपील
जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड ने टोल फ्री नंबर 9386954300 जारी किया है. बोर्ड ने मुतवल्लियों एवं आम लोगों से अपील की है कि वे समय रहते सहयोग करें ताकि वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके.
9 मार्च 2026 अंतिम तिथि
प्रतिनिधियों ने बताया कि संशोधित वक्फ बोर्ड अधिनियम एवं केद्र सरकार के निर्देशानुसार 6 दिसंबर 2025 को अपलोड का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब 9 मार्च 2026 तक सभी शेष 50 वक्फ संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर अपलोड अनिवार्य होगा.
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