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कोरोना का असर : बच्चों को नहीं मिल पा रहा किताब, अबतक मात्र 2.32 लाख छात्रों को ही मिला बुक

पढ़ाई का नया सत्र शुरू, किताबें नहीं होने से हो रही है परेशानी, शिक्षा विभाग ने उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक करीब 75 लाख स्टूडेंट्स नामांकित

Ranchi:  राज्य के 45 हजार स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे करीब 75 लाख बच्चें है. इसमें सरकारी स्कूलों में 74,63,906 स्टूडेंटस नामांकित हैं. इसमें क्लास 01 से 06 के बीच 24,30,601 नामांकित स्टूडेंटस है. वहीं क्लास 06 से 08 के बीच 13,05,612 नामांकित स्टूडेंटस है. इनमें से अभी मात्र 2 लाख 32 हजार बच्चों तक ही किताबें पहुंच सकी है. जिससे नए सत्र की पढ़ाई में बच्चों को परेशानी आ रही है.

बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने में परेशानी आ रही है

कोरोना के बढते संक्रमण की वजह से बच्चों को किताबें पहुंचाने में देरी हो रही है, ऐसा शिक्षा विभाग के जिम्मेवारों का कहना है. शिक्षा परियोजना द्वारा बच्चों को मिलने वाली पाठ्य सामग्री सभी जिलों को उपलब्ध कराया जा रहा है. 30 अप्रैल तक बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. कोरोना की वजह से कई जिलों में बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने में परेशानी आ रही है.

कोरोना की वजह से किताब लेने कम आ रहे हैं बच्चें

स्कूलों में बच्चों को बुलाकर किताब उपलब्ध कराना था. मगर स्कूल बंद होने की स्थिति में अभिभावकों को किताब लेने के लिए स्कूल बुलाया जा रहा है. वहीं कई स्कूल के शिक्षक बच्चों के घर पर भी जाकर किताबों का सेट पहुंचा रहे हैं. स्कूलों में किताबें बंटनी शुरू हो गई है. रोज 50 से 70 छात्रों के बीच किताबें बांटी जा रही है. शिक्षा विभाग ने डीईओ-डीएसई को गाइडलाइन को लेकर सभी डीईओ-डीएसई को गाइडलाइन जारी कर दिया है.

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