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परीक्षा हो रहा है झारखंड में क्वेश्चन पेपर लीक हो रहा नेपाल में "गजबे" है: सीएम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मोरहाबादी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में बिना नाम लिए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा
 
  • विपक्ष पर तंज, ये एक तरह है संगठित गिरोह
  • विपक्ष ने अपने कार्यकाल में न नौकरी दी, न रोजगार
  • हमलोग कहने पर नहीं करने पर करते हैं विश्वास

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मोरहाबादी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में बिना नाम लिए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. कहा कि परीक्षा हो रहा है झारखंड में क्वेश्चन पेपर लीक हो रहा है नेपाल में, गजबे है. 

 

विरोधियों ने अपने कार्यकाल के दौरान न नौकरी दी न ही रोजगार दिया. हम आने वाले दिनों में नौजवानों के लिए कई दरवाजे खोलेंगे. कई सारी नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में होगी.

 

अब तक राजस्व निरीक्षक, वेटनरी अफसर, शिक्षक, अंचल निरीक्षक, ये सारी बहाली हुई. पोलिटेक्निक में पहली बार हमारी सरकार ने प्रिंसिपल दिया. मेडिकल अफसर दिए. आज लाखों नौजवानों को अपने साथ जोड़ा है. इस दौरान 1910 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया. 

 

 हमलोग करने पर करते हैं विश्वास

सीएम ने कहा कि हमलोग कहने पर नहीं करने पर विश्वास करते हैं. उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि आप लोगों ने संघर्ष को जीतने के लिए जो परिस्थिति देखी, विरोधियों का षडयंत्र भी देखा. वो भी ऐसा षडयंत्र जो हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था.

 

इतने निचले स्तर पर जाकर नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं. क्यूआर कोड से कोर्ट कचहरी के नाम पर चंदा इक्टठा कर रहे थे. ऐसा भी होता है हमने पहली बार सुना. अगली बार नहीं सुनेंगे. ऐसा काम जो करेगा वो सीधे जेल जाएगा.

 

नौजवान गरीब गुरबा बच्चों से करोड़ों का चंदा लिया. कई सारे ऐसे लोग हैं जो नए-नए षडयंत्र रचते हैं. चोर-पुलिस से भी एक कदम आगे रहते हैं. नए-नए अविष्कार कर, वैज्ञानिक तरीके से टेक्नोलॉजी का सपोर्ट लेते हुए परीक्षा बाधित करते हैं. 
 

कर्मियों की आकस्मिक मौत पर एक करोड़ रुपए

सीएम ने कहा कि हमलोगों ने विभिन्न बैंकों से करार किया है कि हमारे कर्मचारी की अगर आकस्मिक मौत होती है तो उनके परिजनों को बैंक एक करोड़ रुपए देगी. यह अनुबंधकर्मियों को भी देय होगा. सब की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

 

यह 25 साल का युवा राज्य है. सभी लोग राज्य के सर्वांगीण विकास में लगे. अभी इस राज्य में काफी क्षमता है. हमलोग भारत सरकार की नजर में उनके विरोधी हैं.

 

लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों होता है. दोनों का सोच सकारात्मक रहे तो देश और राज्य का विकास निश्चित है. आज झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है. आज हजारों-करोड़ रुपए केंद्र के पास बकाया है.

नया नाम लागू करने का काम है चालू

सीएम ने कहा कि मनरेगा में हजारों करोड़ रुपए बकाया है. पैसा तो मिला नहीं नाम ठप्पा बदलकर नया नाम लागू करने का काम चालू है. नाम बदलने में पूरी जोर-शोर से लगे हुए हैं. व्हाट्सअप, इंस्टाग्राम, फेसबुक के जरीए ये लोग परीक्षा लेकर खबर फैलाते हैं कि सरकार के खिलाफ मोरचा खोलो. जबकि भाजपा शासित प्रदेशों में बिना लाठी-डंडे के परीक्षा नहीं होती. ये लोग त्योहार में उन्माद फैलाते हैं. 

 

सुख-शांति अमन-चैन के साथ आगे बढ़ रहा झारखंड

सीएम ने कहा कि आज झारखंड सुख, शांति और अमन चैन के साथ आगे बढ़ रहा है. रोजगार भी मिल रहा है. कहा कि वो दिन दूर नहीं जब घर में दाई खोज रहे हों कहीं हमलोग उनके यहां बर्तन मांजने की स्थिति में न आ जाएं.

 

राज्य के गांवों को हम काफी मजबूत करेंगे. फिर कहा कि विदेश में नौकर-चाकर और दाई रखकर देखिए, तब पता चलेगा. उनकी गरीबी का मजाक उड़ाया जा रहा है. सफल अभ्यर्थियों से कहा कि आपकी कार्यशैली से सरकार की छवि बनती है और बिगड़ती भी है. 
 

हमारे पदाधिकारी काफी प्रेशर में रहे

सीएम ने कहा कि इस परीक्षा को लेकर किन-किन चीजों का सामना करना पड़ा ये आपको भी पता है. नेक ईरादा हो तो कोई भी मंजिल पाई जा सकती है. इसके लिए हमारे पदाधिकारी भी प्रेशर में रहे. वहीं, विरोधी भी पीछे हटने को तैयार नहीं थे.

 

सीएम ने इसके लिए जेएसएससी के कर्मी, प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार और एसीबी टीम को बधाई दी. कहा कि इन्होंने ईमानदारी से परत दर परत चीजों को साफ करते हुए पारदर्शिता के साथ अपने पक्षों को रखा. उसी का परिणाम है कि आज आपके चेहरे पर मुस्कान है.

 

जीत आपकी पक्की होगी. नियुक्ति भी होगी. 2019 में जब हम सत्ता में आए, तबसे हमारा कार्यकाल चुनौती भरा रहा. फिर भी रूके नहीं. नौजवानों का विश्वास और सहयोग बना रहा.

 

दुबारा सत्ता में आए तो साल भर में एक लंबी गाढ़ी लकीर खींचते हुए नौजवानों को सरकार का अंग बनाया. 9000 के करीब नियुक्ति पत्र दिया गया. उन दिन इसी मैदान में इतनी बड़ी समूह था कि राजनेता भी इतना बड़ा समूह इकट्ठा नहीं कर पाते.

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