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चहुंओर प्रकति पर्व सरहुल की धूम, ढ़ोल-नगाड़े और मांदर की थाप पर झूम उठी रांची

राजधानी में प्रक्रति पर्व सरहुल की धूम देखने को मिल रही है. इस खास अवसर पर शहर के सभी सरना स्थलों से शोभायात्रा निकाली जा रही है. हातमा से सरना धर्मावलंबियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वेशभूषा के साथ सरहुल शोभायात्रा की शुरुआत की, जो अल्बर्ट एक्का चौक से होते हुए सिरमटोली सरना स्थल जाएगी.
 
  • 298 सरना स्थलों से निकली शोभायात्रा
  • हर चौक चौराहों पर हुआ भवय स्वागत

Ranchi :  राजधानी में प्रक्रति पर्व सरहुल की धूम देखने को मिल रही है. इस खास अवसर पर शहर के सभी सरना स्थलों से शोभायात्रा निकाली जा रही है. हातमा से सरना धर्मावलंबियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वेशभूषा के साथ सरहुल शोभायात्रा की शुरुआत की, जो अल्बर्ट एक्का चौक से होते हुए सिरमटोली सरना स्थल जाएगी.

 

इसके अलावा शहर के 298 सरना स्थलों, स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्लों से भी भव्य जुलूस निकाला जा रहा है. शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुष ढोल, नगाड़ा, मांदर और झांझ की थाप पर सरहुल गीतों के साथ नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. 

 

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शहर के प्रमुख चौक-चौराहों जैसे पिस्का मोड़, कचहरी चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और राजेंद्र चौक पर विभिन्न सामाजिक, आदिवासी और राजनीतिक संगठनों द्वारा भव्य स्वागत मंच बनाए गए हैं. यहां शोभायात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया जा रहा है.

 

मंच पर शोभायात्रा में शामिल प्रतिनिधियों को सरना अंगवस्त्र प्रदान किया जा रहा है. बताते चलें कि सरहुल सरना फूल समिति सबसे पहले अल्बर्ट एक्का चौक पहुंच चुकी है. वहीं धीरे-धीरे अन्य सरना समितियों की शोभायात्रा भी यहां पहुंच रही है.  

 

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चना, गुड़ और शरबत का वितरण

शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया जा रहा, जो सेवा और सहभागिता की भावना को प्रदर्शित कर रहा है. 

 

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भगवान बिरसा और मां सरना की प्रतिमा बनी आकर्षक का केंद्र

चंद्र शेखर आज़ाद दुर्गा पूजा समिति की ओर से फिरायालाल चौक पर भव्य स्टेज बनाया गया है. यहां स्थापित भगवान बिरसा मुंडा और मां सरना की प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

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छात्र-छात्राओं की शानदार भागीदारी

रांची विश्वविद्यालय के के जनजातीय भाषा विभाग और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी  भी शोभायात्रा में शामिल हुए. इस दौरान जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं मुंडारी, कुड़ुख, संथाली, हो, खड़िया, नागपुरी, पंचपरगनिया, खोरठा और कुरमाली के विद्यार्थियों ने मांदर की थाप पर थिरके.

 

सरना झंडों से सजीं मुख्य सड़कें

रातु रोड, हरमू रोड, अरगोड़ा चौक, नामकुम, कांके रोड, कचहरी रोड और मेन रोड सहित अन्य मुख्य सड़कों को जहां से सरहुल शोभा यात्रा गुजर रही है, सरना झंडों से पटी नजर आईं. वहीं अल्बर्ट एक्का चौक को भी रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जिसने पूरे आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया है. 

 

 

 

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