- रांची के 101 केंद्रों पर हुई परीक्षा, दूसरी पाली में कक्षा छह से आठवीं के अभ्यर्थी होंगे शामिल
Ranchi News : झारखंड में करीब दस साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की पहली पाली रविवार को शांतिपूर्ण संपन्न हो गयी. राज्यभर में परीक्षा के लिए 986 केंद्र बनाये गये हैं.
इनमें राजधानी रांची के 101 केंद्र शामिल हैं. पहली पाली में कक्षा एक से पांचवीं तक के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. वहीं, दूसरी पाली में कक्षा छह से आठवीं तक के शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवार शामिल होंगे.
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पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चली. परीक्षा को लेकर सभी केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किये गये थे. कदाचार पर रोक लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गयी थी. केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गयी है. मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्र में ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है.
दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है. इसमें कक्षा छह से आठवीं तक के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थी शामिल होंगे.
दस साल बाद मिला परीक्षा देने का मौका
राज्य में इससे पहले वर्ष 2012 और 2016 में JTET आयोजित हुई थी. इसके बाद करीब दस वर्षों तक परीक्षा नहीं होने से नये अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता हासिल करने का अवसर नहीं मिल सका. परीक्षा में देरी का मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा था. न्यायालय की सख्ती और समय-सीमा में परीक्षा आयोजित करने के निर्देश के बाद प्रक्रिया में तेजी आयी. इस मामले में शिक्षा सचिव को अवमानना का नोटिस भी जारी हुआ था.

जेटेट पहली पाली खत्म
पिछली शिक्षक नियुक्तियों में भी कई पद रिक्त रह गये थे. वर्ष 2016 की स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति में करीब 17,752 पदों के मुकाबले लगभग 10 हजार नियुक्तियां ही हो सकीं. स्थानीय नीति, जिलावार मेरिट सूची और विषय संयोजन से जुड़े विवादों ने भी नियुक्ति प्रक्रिया को प्रभावित किया था.
एडमिट कार्ड की गड़बड़ियों से अभ्यर्थी रहे परेशान
इस बार परीक्षा से पहले प्रवेश पत्र में विषय और शिक्षक श्रेणी संबंधी त्रुटियों की शिकायतें सामने आयी थीं. कई अभ्यर्थियों ने फोटो और हस्ताक्षर गायब होने की भी शिकायत की थी. करीब 10 से 12 हजार अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा किया गया था. इसे लेकर अभ्यर्थियों ने जैक कार्यालय पहुंचकर सुधार की मांग की थी.
JTET उत्तीर्ण करना सरकारी शिक्षक बनने की दिशा में पात्रता हासिल करने का जरूरी चरण है, लेकिन इससे सीधे नियुक्ति नहीं मिलेगी. अभ्यर्थियों को अब परीक्षा परिणाम और आगामी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार रहेगा. उनकी अपेक्षा है कि दस साल बाद आयोजित परीक्षा के बाद परिणाम और बहाली की प्रक्रिया भी समय पर पूरी की जाये.
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