Ranchi : झारखंड प्रकृति की गोद में बसा राज्य है, जहां मौसम के अनुसार खेती-बारी की परंपरा रही है. इसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है. यह बात प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने शनिवार को ऑक्सीजन पार्क में आयोजित दो दिवसीय फ्लावर शो के उद्घाटन अवसर पर कही.
उन्होंने कहा कि जब तक वनों का संरक्षण नहीं होगा, तब तक पर्यावरण सुरक्षित नहीं रह सकता. लोगों को वनों के प्रति जागरूक करना और पेड़ों को सुरक्षित रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. संजीव कुमार ने मौसम के अनुरूप पौधारोपण और खेती पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को आजीविका से जोड़ने के लिए लाइवलिहुड आधारित प्रयास किए जा रहे हैं.
अफीम छोड़ फूलों की खेती अपनाए- श्रीकांत वर्मा
वहीं वन प्रमंडल अधिकारी श्रीकांत वर्मा ने कहा कि लोगों से अफीम की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि फूलों की खेती से न सिर्फ पर्यावरण हरा-भरा रहेगा, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार होगा. इससे किसान स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनेंगे. उन्होंने बताया कि लोगों को इको-सिस्टम से जोड़ने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम किए गए हैं. भविष्य में झारखंड के अन्य जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे.
फ्लावर शो में लगाए गए हैं फूलों की वेराईटी
ऑक्सीजन पार्क में शनिवार को सैकड़ों फूलों की वेराईटी के फ्लावर इस शो में लगाए गए हैं. जहां फूल और कृषि से जुड़े उपकरण प्रदर्शनी में रखे गये हैं. इसमें एक से बढ़कर एक फूलों की वेराईटी है. जिसमें - गुलाब,गेंदा,ट्री टोनिया,पीटोनिया,फ्लॉक्स इस्टॉक,पंचसेठिया और एंजेलिया समेत सैकड़ों फूलों के पौधे शामिल किए गए. वहीं कृषि से संबंधित प्रदर्शनी में शामिल किए गए हैं. जिसमें खेत में हल चलाने के लिए मिनी पावर हुडर,आर्थ ओवर,बुस कटर,चैन शो समेत अन्य कृषि उपकरण शामिल है.
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