Ranchi : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज अमृतलाल नागर भारतीय धर्म और संस्कृति पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कहा कि भारतीय धर्म और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को समझने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने में ऐसे शोधपरक ग्रंथों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अमृतलाल नागर के कथा-साहित्य के माध्यम से भारतीय धर्म, संस्कृति और जीवन-मूल्यों का गंभीर व संतुलित अध्ययन प्रस्तुत करती है.

राज्यपाल ने कहा कि अमृतलाल नागर का साहित्य भारतीय समाज, सांस्कृतिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त दस्तावेज है. भारतीय संस्कृति की सहिष्णुता, समन्वय और मानवीय दृष्टिकोण जैसे मूल्यों का पुस्तक में गंभीरता से उल्लेख किया गया है.
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक शोधार्थियों, विद्यार्थियों और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगी तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देगी.
अपने संबोधन में राज्यपाल ने आपातकाल के दौरान लगभग एक वर्ष के कारावास का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उन्हें अमृतलाल नागर सहित कई साहित्यकारों की रचनाओं का गहन अध्ययन करने का अवसर मिला .उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य की अपनी विशिष्ट पहचान और समृद्ध परंपरा है, जो भारतीय समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को गहराई से अभिव्यक्त करती है.इस अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक की लेखिका डॉ. समीक्षा मिश्र को इस महत्वपूर्ण कृति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.


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