Ranchi : झारखंड में इस वर्ष होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य की दोनों खाली हो रही राज्यसभा सीटों पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है, वहीं कांग्रेस ने भी कम से कम एक सीट पर अपना स्वाभाविक दावा जताया है. ऐसे में गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा और बयानबाजी शुरू हो गई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल जरूर है, लेकिन माले और राजद के समर्थन के बिना दोनों सीटें जीतना संभव नहीं होगा. यदि गठबंधन के भीतर किसी तरह का मतभेद या बिखराव होता है तो विपक्षी एनडीए को भी अवसर मिल सकता है.
राज्यसभा चुनाव का गणित
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 28 वोटों की आवश्यकता होती है. वर्तमान में महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जो गणित के अनुसार दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त हैं. हालांकि यह तभी संभव है, जब झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाकपा (माले) एकजुट होकर चुनाव लड़ें और सभी विधायक गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें.
दो सीटें हो रही हैं खाली
दरअसल झारखंड से राज्यसभा की दो सीटें इस वर्ष खाली हो रही हैं. पहली सीट झामुमो संस्थापक और वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन के अगस्त 2025 में निधन के बाद रिक्त हुई है. वहीं दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त होने के बाद खाली होगी. इन दोनों सीटों पर इसी वर्ष चुनाव प्रस्तावित है.
झामुमो ने जताई दोनों सीटों पर दावेदारी
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि उनकी पार्टी दोनों सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. उन्होंने कहा कि झामुमो की इच्छा है कि दोनों सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचें और संसद के उच्च सदन में झारखंड की आवाज मजबूती से उठाएं. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे.
कांग्रेस ने भी जताया एक सीट पर दावा
झामुमो के इस बयान पर कांग्रेस नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि किसी के बयान देने से सीटें तय नहीं होतीं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई बार गठबंधन के हित में त्याग किया है, इसलिए इस बार दोनों सीटों में से कम से कम एक सीट पर कांग्रेस का स्वाभाविक दावा बनता है. उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेतृत्व और गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ बैठक में लिया जाएगा.
सहयोगी दलों ने टाला अंतिम फैसला
वहीं महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने फिलहाल इस मुद्दे पर अंतिम फैसला टाल दिया है. भाकपा (माले) के प्रदेश सचिव मनोज भक्त ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में अभी समय है और इस विषय पर अंतिम निर्णय महागठबंधन की बैठक में ही लिया जाएगा.
राजद के प्रदेश प्रवक्ता मनोज कुमार ने कहा कि पार्टी ने अभी इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गठबंधन की बैठक में अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद ही पार्टी विधायक राज्यसभा चुनाव में अपना मतदान करेंगे.
झारखंड विधानसभा में दलों की वर्तमान स्थिति
|
गठबंधन |
पार्टी विधायकों की संख्या
|
| इंडिया ब्लॉक (महागठबंधन) | 56 |
| झामुमो | 34 |
| कांग्रेस | 16 |
| राजद | 4 |
| भाकपा (माले) | 2 |
| एनडीए | 24 |
| भाजपा | 21 |
| आजसू, जदयू, लोजपा | 3 |
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