Ranchi: विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली क्लाज 3 च को चुनौती देने वाली जाहिद इकबाल एवं अन्य, विनोद कुमार, सुखदेव लोहारा और चाकौरी राणा की याचिका की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में बुधवार को हुई.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत नहीं दी. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि मामले में ना तो विज्ञापन पर रोक लगेगी और न ही नियुक्ति नियमावली पर कोई हस्तक्षेप किया जाएगा.
पॉलिसी के तहत राज्य सरकार नियुक्ति नियमावली बनाई है. कोर्ट ने जेएसएससी एवं अन्य प्रतिवादियों से 6 सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया.
वहीं, याचिकाकर्ताओं को जेएसएससी एवं अन्य प्रतिवादियों के जवाब पर प्रतिउत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है. कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगी. कोर्ट में अगली सुनवाई 8 सप्ताह बाद होगी.
इससे पूर्व याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया की उक्त नियुक्ति नियमावली में आरक्षित कोटा के अभ्यर्थियों को शैक्षणिक अहर्ता (मार्क्स) में छूट नहीं दी गई है. प्रार्थी ने नियुक्ति नियमावली के अलावे इसके आधार पर निकाले गए विज्ञापन को भी चुनौती दी है.
जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता और संजय पिपरावाल एवं प्रिंस कुमार ने कोर्ट को बताया कि नियुक्ति नियमावली बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है.
यहां बता दे कि उक्त नियुक्ति नियमावली के आधार पर जेएसएससी झारखंड इंटरमीडिएट एंड ग्रेजुएट ट्रेंड स्पेशल एजुकेशन असिस्टेंट टीचर कंबाइंड कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन विज्ञापन संख्या (8/2025) आयोजित कर रहा है. उक्त परीक्षा 3451 पदों के लिए आयोजित की जा रही है.
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