Patna: बिहार विधान परिषद में बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मुफ्त अनाज के कम वजन और गुणवत्ता का मुद्दा उठा. महेश्वर सिंह ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित होने वाले मुफ्त अनाज के वजन का सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में तय 5 किलो राशन की जगह पूर्वी चंपारण जिले में केवल 4 किलो अनाज ही दिया जा रहा है.
महेश्वर सिंह ने सदन में कहा कि यह हेरा-फेरी है और इसके पीछे परिवहन ठेकेदार और अन्य लोग मिलकर गड़बड़ी में लगे हुए हैं. साथ ही कहा कि, इस मामले में FIR भी हुई और जिलाधिकारी व पटना में भी जांच करवाई गई, लेकिन इसके बावजूद पीडीएस राशन हेरा-फेरी रोकने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
महेश्वर सिंह ने स्पष्ट कहा कि जब जांच हो चुकी है, फिर किन्हें बचाने के लिए लीपापोती हो रही है. उन्होंने मांग की कि अनाज घोटाले में शामिल लोगों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही कहा कि अगर उनकी बात गलत साबित होती है तो वे इस्तीफा दे देंगे. जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि महेश्वर सिंह वरिष्ठ सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि महेश्वर बाबू के साथ सरकार खड़ी है. वे इस मामले का समाधान निकालेंगे.
मंत्री ने कहा कि सरकार का नियम है कि किसी भी शिकायत पर जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाती है. उन्होंने बताया कि जांच में अब तक आरोप के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं, इसलिए आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया. मंत्री अशोक चौधरी ने महेश्वर सिंह से कहा कि अगर वे किसी विशेष जांच की मांग करते हैं, तो सरकार 15 दिनों के भीतर जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी. सरकार पारदर्शिता और नियमों के तहत कार्रवाई करती है और उनके चिंता को गंभीरता से लिया जाएगा.
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