- पंजाब सरकार के प्रस्ताव के बाद कैबिनेट में आया मामला
- बाजार दर पर अतिरिक्त कोयला बेचने की तैयारी
Ranchi News: झारखंड सरकार कैप्टिव कोल माइंस जो पाकुड़ में है. निर्धारित उपयोग से अधिक कोयला उत्पादन होने की स्थिति में दोगुनी रॉयल्टी और सेस वसूलने की तैयारी कर रही है. इस संबंध में राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्ताव लाया गया है. इसके तहत निर्धारित उपयोग से अधिक उत्पादित कोयले पर राज्य सरकार अतिरिक्त वित्तीय भार लगाने की व्यवस्था कर सकती है.
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जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार की ओर से झारखंड में आवंटित कैप्टिव कोल माइंस से जरूरत से अधिक उत्पादित कोयले को बाजार दर पर बेचने के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था. कैप्टिव कोल माइंस का आवंटन संबंधित उपभोक्ता की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से किया जाता है. ऐसे में निर्धारित उपयोग से अधिक कोयले के उत्पादन और उसके भंडारण को लेकर समस्या उत्पन्न होने की आशंका रहती है. लंबे समय तक कोयले का भंडारण होने से आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहता है.
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त उत्पादित कोयले के निस्तारण और उसकी बिक्री को लेकर विचार किया जा रहा है. प्रस्ताव के अनुसार, निर्धारित उपयोग से अधिक उत्पादित कोयले पर दोगुनी रॉयल्टी और सेस वसूलने की व्यवस्था की जा सकती है. इससे अतिरिक्त कोयले की बिक्री के साथ राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है.
हालांकि, प्रस्ताव के अंतिम स्वरूप, लागू होने की तिथि और संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी. यह भी देखना होगा कि अतिरिक्त उत्पादन की गणना किस आधार पर की जाएगी और बाजार में बिक्री की अनुमति शर्तों के तहत दी जाएगी.
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