सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कन्नूर निवासी याचिकाकर्ता ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और दिए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म केरल राज्य को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है और इससे सांप्रदायिक और क्षेत्रीय असामंजस्य फैल सकता है.
अदालत ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ-साथ फिल्म के निर्माताओं को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है, जबकि फिल्म की रिलीज 27 फरवरी को प्रस्तावित है.
ट्रेलर और डायलॉग्स पर आपत्ति
याचिका में फिल्म के टीजर और ट्रेलर की सामग्री पर भी सवाल उठाए गए हैं. खासतौर पर टीजर के अंत में दिए गए संदेश -अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे को लेकर चिंता जताई गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि यह संवाद लोगों को उकसाने वाला हो सकता है और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है.
इसके अलावा, याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म में विभिन्न राज्यों की महिलाओं को दिखाया गया है, लेकिन कहानी को ‘द केरल स्टोरी’ के रूप में पेश किया गया है, जिससे एक विशेष राज्य को आतंकवाद और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों से जोड़कर दिखाया जा रहा है.
निर्माताओं का पक्ष
फिल्म को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विपुल अमृतलाल शाह ने कहा है कि यह फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है और दर्शकों को खुद तय करना चाहिए कि फिल्म में दिखाया गया कंटेंट सच है या नहीं.
गौरतलब है कि इस फ्रेंचाइज़ी की पहली फिल्म को भी रिलीज के समय विरोध और आलोचना का सामना करना पड़ा था. अब देखना होगा कि अदालत के आगामी फैसले के बाद फिल्म तय तारीख पर रिलीज हो पाती है या नहीं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें
Leave a Comment