Search

प्रभु यीशु की ज्योति निराशा में भी अटूट आशा जगाती है: आर्चबिशप

Ranchi : ईसाई समुदाय का आगमन काल 30 नवंबर से शुरू हो रहा है. शहर के जीईएल चर्च रोमन कैथोलिक चर्च और सीएनआई चर्च में विशेष आराधना होगी. इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है. सुबह 5.30 से लेकर शाम 5 बजे तक विशेष विनती होगी. 

 

रोमन कैथोलिक चर्च में धर्माध्यक्ष का संदेश फादर द्वारा धर्म पत्र को पढ़कर सुनाया जाएगा. आगमन काल के अवसर पर रोमन कैथोलिक आर्चबिशप विंसेंट आइंद ने संदेश जारी कर कहा कि विश्वासियों को आशा, दया और आध्यात्मिक तैयारी का आह्वान किया है.

 

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, आर्थिक संकट, बीमारी, हिंसा और त्रासदियों के बीच भी आगमनकाल आशा की लौ जगाता है, क्योंकि ईश्वर हमारे साथ है. यह समय बाहरी सजावट नहीं, बल्कि हृदय को शुद्ध करने, प्रार्थना और आत्मिक का उत्साह है.

 

महाधर्माध्यक्ष ने विश्वासियों से आग्रह किया कि वे आशा के तीर्थयात्री बनते हुए गरीबों, बीमारों, अकेलों और जरूरतमंदों की सेवा करें, उन्हें अपनाएं और उदारता की रोशनी फैलाएं. प्रभु यीशु की ज्योति निराशा में भी अटूट आशा जगाती है.

 

एडवेंट काल यीशु मसीह के जन्म पर्व की तैयारी का समय- पादरी निरल बागे

जीईएल चर्च के पादरी निरल बागे ने कहा कि मसीही कलीसिया के कैलेंडर में एडवेंट काल को साल का शुरुआत माना है. यीशु मसीह का पहला आगमन जन्म बालक के रूप को याद करते हैं.

 

दूसरा यीशु मसीह एक दिन फिर से न्यायी के रूप में संसार का न्याय करने के लिए आएंगे इस विषय पर भी ध्यान मनन करते हैं. एडवेंट काल यीशु मसीह के जन्म पर्व की तैयारी का समय है. इस पर्व से आनंद और उत्सव का महौल शुरू हो जाता है.

 

विश्वासी अपने घरों और गिरजाघरों की साफ –सफाई शुरु करते है. दुकानें क्रिसमस के लिए सज जाती हैं. स्कूल, कॉलेज, संस्थाओं और चर्च में क्रिसमस गैदरिंग प्रारंभ हो जाती है. आध्यत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp